उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल पर कार्यशाला को लेकर पीपीयू कुलपति ने बुलायी बैठक
12 अप्रैल को कार्यशाला का होगा आयोजन
सीबीसीएस प्रणाली छात्र-छात्राओं को मूल्यांकित करने वाली व्यवस्था है
पटना : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जीसीआर जायसवाल ने बिहार के छह विश्वविद्यालयों से आये प्राचार्यों, नैक नॉडल पदाधिकारी, राजभवन के संयुक्त सचिव विजय कुमार, राजभवन के ओएसडी संजय कुमार, राजभवन के तकनीकी विशेषज्ञ विजय कुमार के साथ-साथ लगभग सैकड़ों प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि 11 व 12 अप्रैल को आयोजित की जाने वाली कार्यशाला कई मायने में अहम है.
यह कार्यशाला उच्च शिक्षा में डिजिटल पहल विषय पर आयोजित की जायेगी. कुलपति ने बताया कि आज 21वीं शताब्दी में जिस तरह हमारे छात्र-छात्राओं के सामने वैश्विक चुनौतियां आ गयी हैं, उन पर विजय प्राप्त करने के लिए समय की रफ्तार के साथ-साथ चलना जरूरी ही नहीं, बल्कि समय की मांग भी है.
इस दौरान राजभवन के संयुक्त सचिव विजय कुमार ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य यही होगा कि कि वर्तमान में जो हमारे पास सीमित संसाधन है, उनका किस तरह से फायदा उठाया जाये. उन्होेंने कहा कि इस तरह महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के लिए नैक की भांति डिजिटाइजेशन भी अनिवार्य हो जायेगा.
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी ने सेमेस्टर सिस्टम में लागू सीबीसीएस प्रणाली की व्याख्या करते हुए बताया कि यह एक लगातार छात्र-छात्राओं को मूल्यांकित करने वाली व्यवस्था है.
इस सिस्टम में भी डिजिटाइजेशन कारगर साबित होगा. राजभवन के ओएसडी संजय कुमार ने कार्यशाला की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि ऐसी कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि सुदूर ग्रामीण इलाके में जो बच्चे बैठे हैं, वे भी इस डिजिटल टूल को अपनाकर राष्ट्र व विश्व की मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं. तकनीकी विशेषज्ञ, राजभवन विजय कुमार ने भी बैठक को संबोधित किया.
