पटना : ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (आरसी) बनाने के लिए भरे जाने वाले आवेदनपत्र में गलत पता देने पर आपको परेशानी हो सकती है. डीएल-आरसी दोबारा पाने के लिए दोबारा ऑनलाइन आवेदन तो करना ही होगा, 500 रुपये का शुल्क भी लगेगा. इतना ही नहीं, बार-बार ऐसा होने पर उनके लाइसेंस को निरस्त करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी हाेगी.
डाक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पटना डीटीओ कार्यालय से लगभग 400 से अधिक पत्र अारएमएस पटना को प्रतिदिन भेजे जा रहे हैं. पिछले तीन दिनों में लगभग 1200 पत्र मिले हैं. इनमें से दो दर्जन से अधिक पत्र सही पता नहीं मिलने के कारण डीटीओ ऑफिस वापस हो गये हैं. डाक विभाग के सहायक निदेशक सत्य रंजन ने बताया कि तीन दिन तक डाकिया पत्र पर लिखे पते पर संबंधित व्यक्ति को डिलिवरी देने का प्रयास करता है. इसके बाद उक्त पते पर संबंधित व्यक्ति के नहीं मिलने पर डाक को वापस लौटा दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि डाक विभाग का प्रयास है कि 72 घंटे के अंदर पत्र संबंधित व्यक्ति को मिल जाये. पटना के डीटीओ अजय कुमार ठाकुर ने बताया कि वापस अपने पत्र को पाने के लिए सुधार करने के लिए ऑनलाइन आवेदन देना होगा. 500 रुपये शुल्क देना होगा. फिर भी पता सही नहीं हुआ, तो लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
डीएल-आरसी घर पहुंचाने के लिए डाक विभाग से समझौता
मालूम हो कि नये प्रावधान के तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले व्यक्ति को अब डीटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेेंस और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा, बल्कि आवेदक के पते पर डाक विभाग के माध्यम से भेजा जा रहा है. इसके लिए डाक विभाग और परिवहन विभाग के बीच ‘बुक नाउ पे लेटर’ (बीएनपीएल) के तहत एक समझौता हुआ है.
