बीपी को हल्के में न लें, गिरते व बढ़ते वजन पर दें ध्यान

पटना : इंडियन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी बिहार चेप्टर की ओर से एक सेमिनार का आयोजन किया गया. गांधी मैदान स्थित एक होटल में आयोजित इस सेमिनार में शिक्षा प्रोग्राम के साथ हाइ बीपी पर आयोजित इस सेमिनार की जानकारी देते हुए इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ एके झा ने बताया कि […]

पटना : इंडियन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी बिहार चेप्टर की ओर से एक सेमिनार का आयोजन किया गया. गांधी मैदान स्थित एक होटल में आयोजित इस सेमिनार में शिक्षा प्रोग्राम के साथ हाइ बीपी पर आयोजित इस सेमिनार की जानकारी देते हुए इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ एके झा ने बताया कि पूरे शरीर को ब्लड सप्लाइ करता है. जिस प्रेशर के साथ ब्लड वेसल्स की दीवारों से टकराता है, उसे ब्लड प्रेशर कहा जाता है.

ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी की समस्या या आंखों से जुड़ी बीमारियों की वजह बनता है. वहीं, आइजीआइएमएस हृदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बीपी सिंह ने कहा कि हाइ बीपी से स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज का खतरा भी 50 फीसदी तक बढ़ जाता है.
वजह, हाइ बीपी होने पर ब्लड वेसल्स पर दबाव बनता है और वे सिकुड़ जाती हैं. इससे दिल को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इस मौके पर आइजीआइसी के निदेशक डॉ एसएस चटर्जी, डॉ ओम कुमार, डॉ हेमंत कुमार, डॉ अरविंद कुमार डॉ अजय कुमार सिन्हा सहित काफी संख्या में हृदय रोग विशेषज्ञ उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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