पटना : साझे प्रयास से 2025 तक बिहार होगा टीबी मुक्त

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने दिलाया भरोसा विश्व यक्ष्मा दिवस पर कार्यशाला पटना : वर्ष 2025 तक बिहार को टीबी मुक्त कर दिया जायेगा. इस दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम कदम उठाये हैं. खासतौर पर टीबी रोगियों को खोजकर उन्हें समुचित इलाज देने के संदर्भ में कई अहम सफलताएं मिली हैं. यह […]

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने दिलाया भरोसा
विश्व यक्ष्मा दिवस पर कार्यशाला
पटना : वर्ष 2025 तक बिहार को टीबी मुक्त कर दिया जायेगा. इस दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम कदम उठाये हैं. खासतौर पर टीबी रोगियों को खोजकर उन्हें समुचित इलाज देने के संदर्भ में कई अहम सफलताएं मिली हैं.
यह बातें स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने राज्य स्वास्थ्य समिति की तरफ से विश्व यक्ष्मा दिवस पर रविवार को आयोजित एक कार्यशाला में कही. उन्होंने साफ किया कि इस दिशा में अभी और कदम उठाये जाने बाकी हैं. इस पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए साझे प्रयास की जरूरत है.
शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यशाला में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि टीबी के इलाज में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे.
बिहार शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशाद अली आजाद ने कहा कि बिहार को टीबी मुक्त करने की दिशा में मदरसे और मस्जिदें उपयोगी हो सकती हैं, क्योंकि वहां काफी लोग इकट्ठे होते हैं. उनकी बात सुनी भी जाती है. लिहाजा विभाग को चाहिए कि इस दिशा में जरूरी पहल करे.
मल्टी चैनल फंडिंग मैनेजमेंट की जरूरत : सामाजिक कार्यकर्ता अनीता ने कहा कि शराबबंदी की तरह टीबी मुक्ति अभियान चलाने की जरूरत है. चिकित्सक बीके मिश्रा ने कहा कि बिहार में प्रति लाख पर 280 टीबी रोगी होने की बात कही जाती है. मैं इससे सहमत नहीं हूं, इसका कोई प्रामाणिक स्रोत नहीं है. उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों के समुचित इलाज के लिए मल्टी चैनल फंडिंग मैनेजमेंट की जरूरत है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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