पटना : होली के दौरान पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है. शास्त्रीनगर पुलिस टीम ने आठ साल से फरार बाइकर्स ग्रुप बॉस ऑफ पटना के वांटेड सरगना शुभम ज्योति व उसके साथी विश्वजीत उर्फ आयुष को पकड़ लिया. इन दोनों को एजी कॉलोनी में 90 फिट इलाके से गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली.
आठ साल बाद पकड़ा गया बाइकर्स गैंग बॉस अॉफ पटना का सरगना शुभम

आठ साल बाद पकड़ा गया बाइकर्स गैंग बॉस अॉफ पटना का सरगना शुभम
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पटना : होली के दौरान पुलिस द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है. शास्त्रीनगर पुलिस टीम ने आठ साल से फरार बाइकर्स ग्रुप बॉस ऑफ पटना के वांटेड सरगना शुभम ज्योति व उसके साथी विश्वजीत उर्फ आयुष को पकड़ लिया. इन दोनों को एजी कॉलोनी में 90 फिट इलाके […]
जानकारी के अनुसार पुलिस को एजी कॉलोनी के 90 फिट इलाके में पांच अपराधियों के होने की जानकारी मिलने पर छापेमारी की थी. जिसमें से तीन तो फरार होने में सफल रहे, लेकिन शुभम व विश्वजीत पकड़ा गया.
इन लोगों के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल, तीन गोली, तेज धार वाली दो तलवार व एक कार बरामद हुआ है. इसके साथ ही बिना नंबर की एक बुलेट भी मिली है.
इतने हथियार के साथ जुटे होने के कारण यह स्पष्ट है कि ये लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए उस इलाके में एकत्रित हुए थे. बरामद कार शुभम की है. पुलिस ने इन लोगों की निशानदेही 250 बोतल शराब भी बरामद किया है.
शराब के धंधे में उतर चुका था शुभम
पटना पुलिस की टीम ने शुभम को पहली बार 2009 में गिरफ्तार किया था. उस वक्त शुभम नाबालिग था. इसके बाद 2011 में उसे राजीव नगर थाना की पुलिस ने पकड़ कर जेल भेजा था. इसके बाद वह कभी नहीं पकड़ा गया और वह शराब के धंधे में उतर चुका था.
इसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने छापेमारी की और फिर 253 बोतल विदेशी शराब की बोतलों को बरामद किया. इसके खिलाफ शास्त्रीनगर, राजीव नगर, पाटलिपुत्र आदि थाने में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं.
बुद्धा कॉलोनी इलाके में दो गुटों में मारपीट
पटना. होली के दिन बुद्धा कॉलोनी इलाके में दो गुटों में मारपीट हुई. जिसमें दो लोगों को चोटें आयी. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस पहुंची तो दोनों पक्ष वहां से हट गये. पुलिस ने घटनास्थल से तीन बाइक जब्त कर ली और उसे थाना लाया. हालांकि किसी ने शिकायत नहीं की.
तीनों बाइक के मालिक थाना पर पहुंचे और बताया कि उनकी गाड़ी सड़क पर लगी हुई थी और वे लोग मारपीट में शामिल नहीं थे. इसके बाद पुलिस ने सत्यापन किया और तीनों बाइक को उनके मालिक के हवाले कर दिया.