गैर बिहारियों को राजनीतिक खाद पानी देता रहा है बिहार

छह गैर बिहारी चुने गये थे सांसद पटना : लोकतंत्र की जननी वैशाली और वैशाली की जननी बिहार का देश में समाजवाद की विचारधारा को मजबूत करने में बड़ा योगदान रहा है. बिहार ने गैर बिहारियों को भी राजनैतिक रूप से मजबूत किया. बिहार से बाहर के जो लोग भी सांसद बने उनका राजनैतिक कद […]

छह गैर बिहारी चुने गये थे सांसद
पटना : लोकतंत्र की जननी वैशाली और वैशाली की जननी बिहार का देश में समाजवाद की विचारधारा को मजबूत करने में बड़ा योगदान रहा है. बिहार ने गैर बिहारियों को भी राजनैतिक रूप से मजबूत किया. बिहार से बाहर के जो लोग भी सांसद बने उनका राजनैतिक कद देश में भारी भरकम रहा. इसमें अधिकांश समाजवादी पृष्टभूमि के थे.
बिहार ने राजनैतिक रूप से देश के छह बड़े नाम को पनाह ही नहीं दी. उन्हें बड़ा राजनैतिक कद दिया. देश के बड़े राजनीतिज्ञों में इनका नाम है.
सबसे पहले बिहार के सांसद बनने वालों में जेबी कृपलानी शामिल है. वे सिंध (अब पाकिस्तान) के रहने वाले थे. वे सीतामढ़ी से सांसद निर्वाचित हुए थे. इसके बाद देश के बड़े समाजवादी नेता मधु लिमये पहले मुंगेर और बाद में बांका से सांसद बने. मधु लिमये महाराष्ट्र के रहने वाले थे.
आपातकाल के बाद देश में हुए आम चुनाव में जाॅर्ज फर्नांडिस मुजफ्फरपुर से चुने गये. मुजफ्फरपुर के बाद उन्होंने नालंदा का भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया. वे बांका से भी चुनाव लड़े थे. जाॅर्ज फर्नांडिस कर्नाटक के रहने वाले थे. शरद यादव मधेपुरा से सांसद रहे. ये मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. इनके अलावा जानेमाने पत्रकार एमजे अकबर किशनगंज से सांसद बने थे. बिहार के राज्यपाल रहे मो. सलीम भी कटिहार से सांसद चुने गये थे.
राजनारायण ने भी लड़ा था चुनाव
इन लोगों के अलावा भी अविभाजित बिहार में कई लोगों ने अपनी किस्मत आजमायी थी, उसमें प्रसिद्ध समाजवादी नेता राजनारायण और देश के बड़े होटल कारोबारी एमएस ओबेराय शामिल हैं. समाजवादी नेता रामसेवक यादव ने भी किस्मत आजमायी थी.

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