बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सचिव पर हमले का आरोप
पटना : कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को आइआरएस व यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की पत्नी अपर्णा त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया. अपर्णा के खिलाफ 13 फरवरी को बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य डा निक्की हेम्ब्रम के बयान के आधार पर कोतवाली थाने में आइपीसी की धारा 353, 355, 341, 342, 323, 504, 506 के तहत केस संख्या 129/19 दर्ज किया गया था.
केस दर्ज होने के बाद डीएसपी विधि व्यवस्था डा राकेश कुमार ने अपर्णा त्रिपाठी पर लगे आरोपों के संबंध में जांच की और घटना सही पाते हुए अपने सुपरविजन रिपोर्ट में सत्य करार दिया. इसके बाद कोतवाली थाने की अनुसंधानकर्ता सुजाता राय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपर्णा त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया.
क्या है मामला : आइएएस ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की पत्नी अपर्णा त्रिपाठी ने बिहार राज्य महिला आयोग में बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सचिव श्वेता मिश्रा पर कई आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ वाद संख्या 2592/18 दर्ज किया था. इसके बाद आयोग की ओर से अपर्णा त्रिपाठी व विपक्षी श्वेता मिश्रा को नोटिस देकर 13 फरवरी को आयोग कार्यालय में बुलाया गया था.
लेकिन वाद की सुनवाई के दौरान ही अपर्णा त्रिपाठी ने हंगामा शुरू कर दिया था और विपक्षी श्चेता मिश्रा से मारपीट की थी. श्वेता मिश्रा को उन्होंने बाल पकड़ कर जमीन पर पटक दिया था. इसके बाद वहां मौजूद आयोग के सदस्य व सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था. चुंकि मामला गंभीर था, इसलिए बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य डा निक्की हेम्ब्रम ने कोतवाली थाने में अपर्णा त्रिपाठी के खिलाफ श्वेता मिश्रा पर हमला कर मारपीट करने, बाल पकड़ कर जमीन पर पटकने व सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करा दी थी.
श्वेता मिश्रा मूल रूप से उत्तरप्रदेश के कालिन्दीपुरम प्रयागराज की रहने वाली हैं. जबकि अपर्णा त्रिपाठी यूपी के हरदोई की रहने वाली है. इनका पति ज्ञानेंद्र त्रिपाठी से तलाक का मुकदमा यूपी न्यायालय में चल रहा है.
