पटना : केंद्रीय एजेंसी की ओर से आधा-अधूरी बनाकर छोड़ दी गयी 90 सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. ग्रामीण कार्य विभाग राज्य योजना से इन सड़कों का निर्माण करायेगा.
493 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर करीब 350 करोड़ खर्च आयेगा. बीस जिलों में इन सड़कों का निर्माण होगा. राज्य में पीएमजीएसवाइ के कोर नेटवर्क में शामिल सभी सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिल गयी है.
अगले वित्तीय वर्ष से राज्य में पीएमजीएसवाइ फेज दो का काम शुरू होगा. पीएमजीएसवाइ की इन सड़कों को एनबीसीसी, सीपीडब्लूडी, एनपीसीसी और एनएचपीसी को बनाना था. पिछले 15 सालों में केंद्रीय एजेंसियों ने इन सड़कों का निर्माण नहीं कराया.
इन एजेंसियों को 2004 में पीएमजीएसवाइ की 2837 सड़क जिसकी कुल लंबाई 15880 किलोमीटर थी उसका निर्माण करना था. ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार ने बताया कि 15 साल के बाद भी केंद्रीय एजेंसियों ने 493 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं कर पायी.
विभाग खुद से इन सड़कों का निर्माण करायेगा. इन सड़कों के लिए स्वीकृत 215 करोड़ की राशि की मांग केंद्र से करेंगे. मंत्री ने बताया कि न्यू मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत अभी 246 करोड़ की लागत से सड़कों की मरम्मत और उसका काम होगा. 150 सड़क मरम्मत के लिए निविदा भी निकल चुकी है.
