पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों का यूरोपियन यूनियन के देशों के साथ शिक्षा को लेकर साझा कार्यक्रम बनना चाहिए. शिक्षा के क्षेत्र में बिहार में निवेश की सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं.
अभी पटना विश्वविद्यालय का एमओयू यूरोपियन एजुकेशन फॉउंडेशन के साथ हुआ है. डिप्टी सीएम मंगलवार को एक स्थानीय होटल में बिहार फॉउंडेशन के तत्वावधान में रोमानिया, यूक्रेन और पोलैंड के प्रतिनिधि के साथ साझा कार्यक्रम पर चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि साझा कार्यक्रम के तहत बिहार के छात्रों का यूरोपियन देशों में एजुकेशन टूर होगा.
यहां के छात्र मेडिकल, तकनीकी और आइटी के क्षेत्र में जाकर वहां कम खर्च में अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं. डिप्टी सीएम ने कहा कि नवंबर में बिहार प्रतिनिधिमंडल का एक दल बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में मॉरीशस दौरे पर जायेगा. इंडो-यूरोपियन एजुकेशन फॉउंडेशन के अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार ने कहा कि बिहार में शिक्षा के अलावा कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं. बिहार के साढ़े पांच हजार छात्र पोलैंड में पढ़ाई कर रहे हैं.
डॉ कुमार बिहार के मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी गांव के रहने वाले हैं और पोलैंड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं. यूरोपियन प्रतिनिधिमंडल में रोमानिया के डॉ. इकेटेरिना डैनियला जेका एवं डॉ स्टैंसियू सिल्वियस, यूक्रेन के इरयेना क्रामर और पोलैंड की रेनाटा जूकोस्का शामिल थे. इस कार्यक्रम को केपीएस केसरी, पीके अग्रवाल समेत अन्य ने भी संबोधित किया.
