पटना : पटना निगरानी ट्रैप के विशेष जज ब्रजमोहन सिंह की अदालत ने घूस लेने के एक मामले में धनरुआ के तत्कालीन सीओ श्रीराम सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया है.
अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए आठ मार्च की तारीख सुनिश्चित की है. विशेष अदालत ने सीओ को दोषी ठहराते हुए तत्काल हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया. उक्त मामला आर्थिक अपराध इकाई द्वारा 19 फरवरी 2014 को दर्ज किया गया था.
मामले के सूचक पैक्स अध्यक्ष परमानंद प्रसाद के मुताबिक सीओ ने धान व गेहूं खरीदगी के लिए इंफोर्समेंट प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में प्रति एक क्विंटल अनाज के लिए 10 प्रतिशत रुपये की मांग की थी. उनकी शिकायत पर आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम ने 21 फरवरी 2014 को सीओ को 1000 रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था.
पूर्व गृह सचिव आरएन दास के खिलाफ परिवाद दाखिल : रंगकर्मी सिंकदर ए आजम द्वारा पूर्व गृह सचिव आरएन दास के खिलाफ एक परिवाद पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अदालत में दाखिल किया है. अपने परिवाद में उन्होंने शिकायत दर्ज करायी है कि 18 जनवरी 2019 को आरएन दास ने उनके और रमेश सिंह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. वर्तमान में सिंकदर ए आजम व रमेश सिंह बिहार आर्ट थियेटर के निदेशक हैं.
आरएन दास ने एक प्रशासनिक आदेश जारी कर उन्हें गुंडा तत्व बताते हुए कालिदास रंगालय में प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश दिया था. दोनों रंगकर्मियों ने अदालत को यह बताया है कि उक्त प्रतिबंध पर उनकी मानहानि हुई है और उनके जानने वाले लोगों के बीच मान-सम्मान की क्षति हुई है. अदालत में उक्त परिवाद संख्या 846 (सी)/2019 जो भादवि की धारा 147,148,506,466,468 व 471/34 में दाखिल किया गया है.
