पटना : हेल्पलाइन के बाद भी घरेलू हिंसा के मामले नहीं निबट रहे

भटक रहे पीड़ित, आरोपित घूम रहे सड़कों पर पटना : सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद राज्य में महिलाओं से संबंधित शिकायतों का तेजी से निबटारा नही हो पा रहा. अधिकारियों की काहिली के चलते प्रतिवर्ष दर्ज होने वाली शिकायतों के निष्पादन की रफ्तार धीमी है. सरकार कई योजनाएं चला रही है. सभी जिलों में […]

भटक रहे पीड़ित, आरोपित घूम रहे सड़कों पर
पटना : सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद राज्य में महिलाओं से संबंधित शिकायतों का तेजी से निबटारा नही हो पा रहा. अधिकारियों की काहिली के चलते प्रतिवर्ष दर्ज होने वाली शिकायतों के निष्पादन की रफ्तार धीमी है. सरकार कई योजनाएं चला रही है. सभी जिलों में हेल्पलाइन की स्थापना की गयी है. इसके माध्यम से हर पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना प्राथमिकता है, लेकिन कई मामले ऐसे हैं, जिसमें पीड़ित पक्ष भटक रहे हैं और आरोपित आराम से सड़कों पर खुला घूम रहे.
सात जिलों में सर्व सेवा केंद्र कर रहा काम : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिला विकास निगम हिंसा और दुर्व्यवहार की शिकार महिलाओं को चौबीस घंटे सेवा उपलब्ध करा रही है. इसके लिए सात जिलों में सर्व सेवा केंद्र स्थापित की गयी है, जहां महिलाएं किसी भी हिंसा की शिकायत आराम से कर सकती है. जब भी महिलाओं को यहां से न्याय नहीं मिलता है, तो कोर्ट का रास्ता अख्तियार करना पड़ता है.
सामाजिक सशक्तीकरण के अंतर्गत दर्ज और निष्पादित मामलों की संख्या : घरेलू हिंसा के मामले 2018-19 में 1119 दर्ज किये गये हैं, जिसमें 223 का निबटारा हो पाया है. यही स्थित दहेज उत्पीड़न के मामलों की है.
चालू वितीय वर्ष के दौरान 203 एसे मामले दर्ज किये गये जिसमें मात्र 31 का निबटारा हो पाया. दहेज हत्या के पांच मामले दर्ज हैं जिसमें एक का भी निष्पादन नहीं हो पाया है. कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न की 68 मामले दर्ज हैं, जिसमें 38 का निष्पादन किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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