पटना : बस का परमिट 26 सीटों का बिठा रहे डबल, होगी जांच

पटना : बिहार में कॉमर्शियल बसों को परमिट भले ही 26 सीट की मिल रही हो, पर उसमें कम से कम 52 लोगों को बिठाया जा रहा है.अधिकारी जब बसों की जांच करते हैं, तो उस बस के सीटों की संख्या और लोगों की भीड़ को देखते हुए भी कार्रवाई नहीं होती है. हालांकि बसों […]

पटना : बिहार में कॉमर्शियल बसों को परमिट भले ही 26 सीट की मिल रही हो, पर उसमें कम से कम 52 लोगों को बिठाया जा रहा है.अधिकारी जब बसों की जांच करते हैं, तो उस बस के सीटों की संख्या और लोगों की भीड़ को देखते हुए भी कार्रवाई नहीं होती है. हालांकि बसों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन इसके बाद भी अधिक कमाई के लालच में सीट से अधिक सवारियों को बैठाने का खेल जारी है.
बता दें कि प्रदेश में 2015-16 तक बसों की संख्या 31 हजार थी. 2018 फरवरी तक 37 हजार बसों का निबंधन हो चुका है. वहीं स्कूलों में चलने वाली बसों में 25, 32 व 54 सीटें होती हैं. लेकिन बसों में दो की जगह तीन व बस के केबिन तक में बच्चों को भरकर चलाया जाता है.
ये हैं प्रमुख टैक्स
परमिट : 26 सीट : लगभग सात हजार (अधिक से अधिक पांच सालों के लिए )
रोड व सेफ्टी टैक्स : 12,500 (हर साल )
फिटनेस के लिए 800
(प्रतिमाह)
जांच होगी : बस में परमिट से अधिक लोगों को बिठाना कानूनन गलत है. इसको लेकर विभागीय स्तर पर तेजी से जांच होगी. राजस्व के साथ लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है.
संजय कुमार अग्रवाल, सचिव परिवहन विभाग

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