पटना : राज्य में किसी की हत्या हो जाती है या शव पाया जाता है तो उसका राज खुलने में सात महीने लगेंगे. फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) पटना में बिसरा की जांच की वेटिंग इतनी लंबी है कि पुलिस यदि आज कोई सेंपल भेजेगी तो जांच शुरू होने में ही छह महीने लग जायेंगे. जांच पूरी होने में एक माह और लगेगा. रिपोर्ट क्रम से पहले लेने के लिए एसएसपी को पत्र लिखना पड़ रहा हैं. पटना स्थित मुख्य लेबोरेट्री में 2200 से अधिक केस लंबित हैं. इसमें बिसरा के 1400 मामले हैं.
जब तक इन मामलों की जांच पूरी नहीं होगी 1400 लोगों की मौत का राज दबा ही रहेगा. डीएनए के 360 मामले लंबित हैं. मेन लैब के काम के बोझ को कम करने के लिए भागलपुर और मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय प्रयोगशाला हैं. इसमें अभी मुजफ्फरपुर में जांच हो रही हैं लेकिन एफएसएल भागलपुर अभी क्राइम सीन विजिट तक ही सीमित है. थाना पुलिस की लापरवाही भी कम नहीं है.
थाना मसौढ़ी क्षेत्र का एक मामला हाइकोर्ट पहुंचा. सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि एफएसएल से अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है. एफएसएल से पूछा गया तो पता चला कर पुलिस ने जांच के लिये बिसरा भेजा नहीं है. सीतामढ़ी के थाना बैरनिया में बीते 19 सितंबर को हत्या हुई थी. इस मामले में एफएसएल अभी तक बिसरा आने का इंतजार कर रही है.
