Women Reservation Bill: उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने ऐलान किया है कि वह 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च निकालेगी. यह प्रदर्शन उन दलों के खिलाफ होगा, जिन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया था. पार्टी का कहना है कि यह कदम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है. आरएलएम ने इसे बेहद गलत और निराशाजनक बताया है. पार्टी नेताओं का मानना है कि इस फैसले से देश की आधी आबादी को बड़ा नुकसान हुआ है.
पूरे राज्य में सड़कों पर उतरेंगे
शुक्रवार को लोकसभा में संविधान संशोधन से जुड़ा महिला आरक्षण बिल जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण पास नहीं हो सका. इस मुद्दे को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
आरएलएम ने अपने बयान में कहा कि 22 अप्रैल को पार्टी कार्यकर्ता पूरे राज्य में सड़कों पर उतरेंगे. हर जिला मुख्यालय पर विरोध मार्च निकालकर महागठबंधन के नेताओं के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी.
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विपक्ष के कारण बिहार को फायदा नहीं मिल सकेगा
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा ने कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा हमेशा से इस तरह के संवैधानिक सुधारों के पक्ष में रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह बिल पास हो जाता, तो महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिल जाता. उन्होंने यह भी कहा कि इस विधेयक के जरिए सीटों की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव था, जिससे बिहार जैसे राज्यों को फायदा मिलता. लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका.
आरएलएम का आरोप है कि विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया है. पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और विरोध दर्ज कराएगी.
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