सुयैब खान
मखदुम शाह की दरगाह पर बनी ऐतिहासिक मस्जिद हो गयी जर्जर, अब नहीं पढ़ी जाती है नमाज
मनेर : सुप्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदुम शाह दौलत मनेरी रहमतुल्लाह अलैह के दरगाह परिसर में स्थित 409 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर मखदुम मस्जिद की स्थिति पिछले 40 वर्षों से जर्जर है.
चुनार के लाल पत्थरों को तराश कर बनाये गये इस खूबसूरत मखदुम मस्जिद सहित छोटी दरगाह की इमारत की देखरेख भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग के अधीन है. पहले लोग इस खूबसूरत मखदुम मस्जिद में नमाज पढ़कर कुछ अलग ही महसूस करते थे, लेकिन 30-40 वर्ष पहले इस मखदुम मस्जिद की छत से पत्थर धीरे-धीरे टूट कर गिरने लगे थे.
इसके बाद भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग के द्वारा मस्जिद की छत में एतिहातन लकड़ी के बल्ले लगाकर इसके दरवाजों को बंद कर दिया गया. नियमानुसार इसकी मरम्मत का काम पुरातत्व विभाग द्वारा हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक मखदुम मस्जिद के दरवाजे बंद पड़े हैं. मनेर के मुस्लिम समाज के लोग खुले आसमान के नीचे इद-उल-फितर (ईद) और ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज पढ़ने को विवश हैं.
मुस्लिम समाज के लोग कई बार भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग, पटना डीएम, पर्यटन विभाग व सूबे के सीएम सहित आलाधिकारियों को मखदुम मस्जिद के बारे में अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थिति यथावत बनी हुई है.
और-तो-और पुरातत्व विभाग सभी बातों को नजरंदाज करते हुए मस्जिद की इमारत को बतौर स्टोर रूम के रूम तब्दील कर दिया है. मस्जिद में छड़, सीढ़ी, बल्ला, चूना, कुदाल आदि सामान रखा हुआ है.
पुरातत्व संरक्षण विभाग की अनदेखी के कारण ऐतिहासिक मस्जिद व दरगाह की इमारत जर्जर हो चुकी है. दरगाह के अगल-बगल की इमारत गिरने लगी है. मस्जिद को विभाग ने स्टोर रूम बना दिया है.
सैयद शाह तारिक ऐनातुल्लाह फिरदौशी, गद्दीनशीं मनेर शरीफ खानकाह
मस्जिद व दरगाह की इमारत के जीर्णोद्धार के लिए कई बार पुरातत्व विभाग के वरीय अधीक्षक व पर्यटन विभाग के पदाधिकारियों को अवगत कराया , लेकिन पिछले 40 वर्षों से मखदुम मस्जिद की इमारत की स्थिति धीरे-धीरे और जर्जर होती जा रही है.
सुहैल खान, समाजसेवी
दरगाह की इमारत व मस्जिद की हालत जर्जर होने का पूरा जिम्मेदार पुरातत्व व संरक्षण विभाग है. विभाग के द्वारा इमारत का मेंटेनेंस का कार्य कब शुरू किया जाता है और यह कब खत्म हो जाता है, लोगों को पता ही नहीं चलता.
तनवीर प्रखंड महासचिव, जदयू
सुहैल खान ने बताया कि 1969-70 के करीब इस मखदुम मस्जिद में मनेर और आसपास के मुस्लिम समाज के लोग ईद और बकरीद की नमाज अदा करते थे.
उस वक्त हमलोग भी बचपन में अपने घर के लोगों के साथ आकर इस मस्जिद में नमाज अदा करते थे. मनेर शरीफ खानकाह के गद्दीनशीं सैयद शाह तारिक ऐनातुल्लाह फिरदौशी ने बताया कि जर्जर हो रहे मखदुम मस्जिद व दरगाह के जीर्णोद्धार के लिए भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग से लेकर अधिकारियों तक को अवगत कराया गया है, लेकिन विभाग के द्वारा मनेर शरीफ दरगाह और मस्जिद को नजरंदाज किया जा रहा है.
