बिहार के आला अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग की वीिडयो कॉन्फ्रेंसिंग
पटना : लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सरकारी मशीनरी कमर कस चुकी है. चुनाव आयोग भी पल-पल की खबर रख रहा है. चुनाव आयोग ने बिहार सरकार से नोट से लेकर लॉ एंड ऑर्डर तक पर नजर रखने को कहा है.
शराब, ड्रग्स, कैश की आवाजाही से लेकर सीमा पर भी गश्त बढ़ाने के निर्देश दिये हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग का काम समय रहते निबटा लिया जाये. तीन साल से अधिक से एक ही जगह पर जमे पदाधिकारियों को हटाया जाये. साथ ही चुनाव से संबंधित खाली पदों को जल्द-से-जल्द भरने को कहा है.
मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य के आला अधिकारियों के साथ रू-ब-रू हुए. करीब दो घंटे चली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान लोकसभा चुनाव से संबंधित तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई. इसमें मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी केएस द्विवेदी, गृह सचिव आमिर सुबहानी, एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास, आइजी पारसनाथ, आइजी रतन संजय, परिवहन सचिव संजय अग्रवाल, वाणिज्य कर आयुक्त प्रतिमा एस वर्मा, सीआरपीएफ की आइजी आदि अधिकारी शामिल थे.
चुनाव आयोग ने नक्सलग्रस्त जिलों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती, पेड न्यूज की निगरानी, उधर, सीआरपीएफ व एसएसबी की 17 कंपनियों को छत्तीसगढ़ भेजने की तैयारी थी. चुनाव आयोग ने इस पर रोक लगा दी है.
ये कंपनियां बिहार में ही रहेंगी. बॉर्डर पर चेक पोस्ट की संख्या बढ़ाते हुए चेकिंग की कार्रवाई तेज की जाये. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने बताया कि इस बार गाड़ी की जरूरत ज्यादा पड़ेगी. इवीएम के साथ वीवीपैट भी होगा. इसलिए गाड़ियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी. दूसरे राज्यों में सरकारी गाड़ियों से काम चल जाता है.
लेकिन बिहार में व्यावसायिक वाहनों को भी चुनाव के दौरान उपयोग करना पड़ता है. सुरक्षा की दृष्टि से आयोग ने पुलिस को निर्देशित किया कि फोर्स का आकलन अपने स्तर से कर लिया जाये. संवेदनशील बूथों की सूची समय रहते तैयार कर ली जाये, ताकि इन बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा सकें. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने बताया कि लंदन से ईवीएम की हैकिंग की बात अफवाह है. बकवास है.
फोर्स की उपलब्धता पर बात हुई है. डीजीपी के स्तर से काम हो रहा है. संवेदनशील बूथों को लेकर भी तैयारी चल रही है. किसी को मतदान में दिक्कत नहीं होगी. सुरक्षा देकर मतदान कराया जायेगा. 31 मई तक एक ही जगह तीन साल से जमे अधिकारियों को भी हटाना है.
—एचआर श्रीनिवास, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
