संसद सत्र के बाद लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा
पटना : केंद्र सरकार के तीन तलाक और नागरिकता कानून से संबंधित विधेयक का जदयू विरोध करेगा. पार्टी पुराने सभी मुद्दों पर अपने रुख पर कायम रहेगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में रविवार को जदयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया. लोकसभा के अागामी सत्र के खत्म होते ही जदयू अपने प्रत्याशियों के नाम का एलान कर देगा. करीब चार घंटे तक सीएम आवास पर चली बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी अौर पूर्व सांसद पवन वर्मा ने कहा कि जदयू अपने पुरानी नीतियों एवं सिद्धांतों पर कायम रहेगा. बैठक में उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर, प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, मंत्री ललन सिंह, संजय वर्मा और रवींद्र सिंह आदि नेता शामिल हुए.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लोकसभा उम्मीदवार तय करने के लिए वशिष्ठ नारायण सिंह, विजेंद्र प्रसाद यादव और मंत्री राजीव रंजन सिंह पार्टी नेताओं से रायशुमारी कर निर्णय लेंगे.
फरवरी के अंत में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पटना में बैठक होगी जिसमें अंतिम निर्णय लिया जायेगा. नागरिकता कानून के विरोध में 27 और 28 जनवरी को निकाली जाने वाली रैली में जदयू भी शामिल होगा. इसके लिए केसी त्यागी, उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय सचिव व त्रिपुरा और मेघालय के प्रभारी संजय वर्मा को हिस्सा लेने को कहा गया.
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पार्टी के परफार्मेंस की समीक्षा भी की. बैठक में लिये गये निर्णय पर केसी त्यागी ने कहा कि नागरिकता विधेयक और तीन तलाक मामले का पार्टी राज्यसभा में विरोध करेगी. रामजन्मभूमि विवाद में अदालत के फैसले का सम्मान करेगी.
तीन वरिष्ठ नेताओं को उम्मीदवार तय करने की जिम्मेदारी
पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, बिजेंद्र प्रसाद यादव और राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों के नाम तय करने की जिम्मेदारी दी है.
उम्मीदवारों के नामों की घोषणा संसद सत्र के बाद की जायेगी. वहीं फिलहाल जदयू बिहार से बाहर लक्षद्वीप में भी लोकसभा चुनाव लड़ेगा. अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने का निर्णय फरवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में होगी.
नागरिकता कानून पर कांग्रेस अपना पक्ष स्पष्ट करे
केसी त्यागी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि नागरिकता विधेयक का जदयू ने लोकसभा में विरोध किया, लेकिन कांग्रेस के सदस्यों ने वाकआउट किया. वाकआउट करना भी एक तरह से विधेयक को समर्थन करना ही माना जाता है.
इसलिए इस मुद्दे पर कांग्रेस को राजनीति नहीं करते हुए अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. पार्टी की तरफ से एक हाइलेवल डेलीगेशन असम की जनता की मदद के लिए वहां जायेगा. इसमें प्रशांत किशोर, केसी त्यागी, आफाक अहमद शामिल होंगे.
