पटना : पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) में गुरुवार को सीनेट की पहली बैठक में 500 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट का प्रावधान किया है.
इसमें विश्वविद्यालय के साथ-साथ सारे अंगीभूत कॉलेजों का भी बजट प्रस्तावित है. विवि के प्रतिकुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी ने सीनेट के पटल पर बजट रखा, जिसे मंजूर कर लिया गया. हालांकि इस बैठक को लेकर सवाल भी उठाये जा रहे हैं. बैठक में किसी कर्मचारी प्रतिनिधि और छात्र प्रतिनिधि को न्योता नहीं दिया गया. मीडिया तक को बैठक से दूर रखा गया.
निर्णयों को मिली स्वीकृति : बैठक में पांच जनवरी के दूसरे शैक्षणिक परिषद एवं सात जनवरी को संपन्न हुई वित्त समिति की दूसरी बैठक में लिये गये सभी निर्णयों को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी. साथ ही सिंडिकेट में लिये गये सभी निर्णयों को सीनेट ने पास कर दिया.
इसमें मुख्य रूप से पीजी विभागों को स्वीकृति, पुस्तकालय के लिए 15 करोड़ रुपये, जमीन हस्तांतरण कर भवन, पीएचडी के प्रावधानों समेत सभी प्रस्तावों को पास कर दिया गया. कुलपति प्रो जीसीआर जायसवाल ने सीनेट की बैठक की अध्यक्षता की. कुलपति के अलावा प्रतिकुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी, डीन मानविकी प्रो आरके शर्मा आदि शामिल हुए.
बैठक का विरोध
शिक्षकेतर कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व नहीं होने पर पीपीयू प्रक्षेत्र के अध्यक्ष दीपक कुमार एवं मंत्री कृष्णा सिंह ने कहा कि आज की बैठक में कर्मचारियों के किसी प्रतिनिधि को नहीं बुलाना निंदनीय है. इससे कर्मचारियों की कई समस्याएं, जैसे- प्रोन्नति, अनुकंपा पर नियुक्ति, सेवा सामंजन आदि लंबित रह गयीं. इससे कर्मचारियों में काफी रोष है. कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र संघ अध्यक्ष विकास यादव ने बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि विवि पारदर्शिता से क्यों भाग रहा है.
