नौबतपुर : प्रखंड की चिरौरा पंचायत के पंचायत सरकार भवन गोपालपुर में सोमवार को अपराह्न एक बजे के आसपास विकास कार्यों का हाल जानने प्रभात खबर प्रतिनिधि पहुंचे. तो देखा कि भवन के प्रांगण में धान सूख रहा है.
पांच-दस बोरों में धान रखा हुआ था. ऊपर छत पर कुछ खटखट की आवाज आ रही है. ग्रामीण ज्वाला प्रसाद सिंह से पूछने पर मालूम हुआ कि छत पर प्लंबर का काम चल रहा है. भवन के अंदर प्रवेश करने पर लगभग सभी कमरों में ताला बंद था. एक कमरे से किसी के बातचीत की आवाज आ रही थी. जब प्रतिनिधि कमरे में गया तो वहां दो महिला व एक पुरुष कुर्सी पर बैठे दिखे. वहीं, दूसरे कमरे में एक युवक टेबल पर रखे कंप्यूटर का वायर इधर-उधर कर रहा था. प्रतिनिधि को देखने पर वे भी उसी कमरे में आ गये जहां अन्य लोग बैठे थे. पूछने पर कुर्सी पर बैठे व्यक्ति ने बताया कि उनका नाम नीतीश कुमार पांडेय है. वे लेखापाल के पद पर यहां पदस्थापित हैं.
वहीं बगल में बैठी युवती जयंती प्रिया ने बताया कि वे ब्लॉक फैसलिटेटर हैं. दूसरी महिला रंजना कुमारी ने अपने को किसान सलाहकार बताया. प्रतिनिधि को देख दूसरे कमरे से वहां पहुंचा युवक गोपाल कुमार ने अपने को डाटा इंट्री ऑपरेटर बताया, जबकि मुखिया, उप, मुखिया, सरपंच, उप, सरपंच व ग्राम पंचायत सदस्य नदारद थे.
उनके कमरों में ताला बंद था. भवन के अंदर जितने कमरे थे, सभी में ताला बंद था. चाहे वह पंचायत कोर्ट हो या अन्य कमरे, सभी बंद पाये गये. उपरोक्त सभी पंचायतकर्मियों के अलावा एक भी पंचायत प्रतिनिधि या ग्रामीण या अन्य कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था.
भवन के बाहर एक महिला बैठी थी. पूछने पर बताया कि उसका नाम सुशीला है. वह साफ-सफाई का काम करती है. मुखिया ने उन्हें अपने स्तर से रखा है. दो हजार रुपये दिया जाता है. पंचायत सचिव बृजेंद्र कुमार चिरौरा पंचायत में रोस्टर के आधार पर उनके आने का दिन सोमवार है, लेकिन वे ड्यूटी से अनुपस्थित पाये गये. राजस्व कर्मचारी के पद पर राजेश कुमार पदस्थापित हैं, लेकिन वे भी नदारद थे. पूछने पर बताया गया कि रोस्टर के मुताबिक उनकी ड्यूटी गुरुवार से है, लेकिन कई ग्रामीणों ने बताया कि कई गुरुवार बीत गये. आज तक वे एक दिन भी यहां नजर नहीं आये.
लोगों को अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. वहीं विकास मित्र, कृषि समन्वयक, आवास सहायक व प्रखंड परियोजना प्रबंधक भी अनुपस्थित थे. जानकारी मिली कि प्रखंड परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार दुल्हिनबाजार में पदस्थापित हैं. वे यहां प्रभार में हैं.
गौरतलब है कि सरकार ने पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण इसलिए कराया कि पंचायत के लोगों को अब ब्लॉक व अंचल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एक ही छत के नीचे सारा कामकाज होगा.
ब्लॉक, अंचल जाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा, लेकिन अब तक नौबतपुर प्रखंड में यह कार्य रूप नहीं हो पाया है. वहीं पंचायत सरकार भवन गोपालपुर में लाखों के उपकरण सामग्री की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न पैदा हो रहा है. सुरक्षा की व्यवस्था अब तक नहीं हो पायी है. आरटीपीएस का कामकाज भी इस भवन में शुरू नहीं हो पाया है. आय, आवासीय व जाति प्रमाणपत्र की सुविधा इस काउंटर से ऑनलाइन पंचायत के लोगों को उपलब्ध करानी है, लेकिन उद्घाटन की बाट जोहनी पड़ रही है.
क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ सुशील कुमार ने बताया कि पंचायती राज व्यवस्था के तहत पंचायत सरकार भवन गोपालपुर में शुरू है. नयी व्यवस्था है. कुछ वक्त लगेगा. बहुत जल्द पंचायतवासियों को सारी सुविधाएं यहां मिलने लगेगी. गैरहाजिर कर्मियों के सवाल पर बीडीओ ने कहा कि पंचायत सचिव राशन कार्ड वितरण में लगे हैं. आवास सहायक का फील्ड वर्क है. अन्य अनुपस्थित कर्मियों से शो-कॉज पूछा जायेगा. दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी.
