पटना : पटना हाइकोर्ट के आदेश के 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी जवाबी हलफनामा दायर नहीं करने पर नाराज हाइकोर्ट ने राज्य सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस राशि को बिहार स्टेट लीगल सर्विसेज ऑथोरिटी में जमा करेगी. न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने कामेश्वर कामथ एवं अन्य द्वारा दायर दर्जनों रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए बुधवार को यह निर्देश दिया.
मामला मधुबनी जिले में बटाईदारी मामले के निष्पादन में हो रही देरी से संबंधित है. याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 2004 में ही हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी. इन लोगों ने कोर्ट से इस बात का अनुरोध किया था कि 1985 से मधुबनी के राजस्व अदालतों में लंबित पड़े उनके बटाईदारी संबंधी मामलों का तत्काल निष्पादन का आदेश दिया जाये.
हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं द्वारा रिट याचिका पर वर्ष 2005 में ही सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब दायर करने को कहा था. अदालती आदेश के 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो हाइकोर्ट ने राज्य सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया.
