राज्य में नौ लाख से ज्यादा आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया
पटना : राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान करीब 11 लाख आवास प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाइ) के अंतर्गत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था.
इसमें करीब साढ़े नौ लाख घर स्वीकृत करते हुए इन्हें पहली किस्त की राशि दी गयी थी. लेकिन, इसमें अब तक महज ढाई लाख घर ही तैयार हो पाये हैं, जो लक्ष्य का 27.87 प्रतिशत ही है. इसमें कई घर ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त मिले तकरीबन एक साल या इससे ज्यादा समय हो गये हैं. फिर भी इन्होंने अब तक घर का निर्माण कार्य पूरा नहीं करवाया है.
इसके अलावा बड़ी संख्या ऐसे अधूरे पड़े घरों की भी है, जिन्होंने दूसरी और तीसरी किस्त लेने के बाद भी घर का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है. अब ऐसे अधूरे पड़े सभी घरों को मुहिम चलाकर पूरा कराने के लिए विभाग ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है.
इसके अंतर्गत पहली किस्त लेने के बाद जिनके घर का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है, उन्हें घर पूरा करने के लिए 90 दिनों की मोहलत दी जायेगी. इसमें उन लोगों को खासतौर से प्राथमिकता मिलेगी, जिनके घर एक वर्ष या इससे ज्यादा समय से अधूरे पड़े हुए हैं.
इसी तरह दूसरी किस्त लेने के बाद अधूरे पड़े घरों को पूरा करने के लिए 60 दिन और तीसरी किस्त लेने के बाद अधूरे पड़े आवास को पूरा करने के लिए 30 दिन की मोहलत दी जायेगी. निर्धारित समय में लंबित आवास को पूर्ण कराने से संबंधित पत्र विभाग के सचिव ने सभी जिलों के डीएम और डीडीसी को लिखा है. उन्हें कहा गया है कि लंबित आवासों को पूर्ण कराने से संबंधित कवायद तेजी से करें. किस जिले में किस स्तर पर आवास कितने समय से लंबित पड़े हैं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके 10 जनवरी तक प्रखंडवार समीक्षा करने के लिए कहा गया है. साथ ही इससे संबंधित अंतिम रिपोर्ट 15 जनवरी तक तैयार करके इस पर कार्रवाई शुरू कराने के लिए कहा गया है.
पीएमएवाई की यह है स्थिति
चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज तीन महीने बचे हैं और महज करीब 28 फीसदी आवास ही पूर्ण हो पाये हैं. पीएमएवाइ के निर्माण की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. आठ लाख 93 हजार 311 ऐसे परिवार हैं, जिन्हें पहली किस्त दी गयी है. इसी तरह दूसरी किस्त पांच लाख 36 हजार 381 लोगों और तीसरी किस्त दो लाख 50 हजार 112 लाभुकों को दी गयी है. पहली किस्त लेने के बाद ही बड़ी संख्या में लोगों ने आवास अधूरे छोड़ दिये हैं. तभी पहली और तीसरी किस्त लेने वालों में करीब साढ़े छह लाख का अंतर है.
आवास पूर्ण नहीं होने से केंद्र ने रोकी किस्त
पीएमएवाइ में प्रगति अच्छी नहीं होने से केंद्र की
तरफ से तीसरी किस्त की राशि रोक दी गयी है. केंद्र ने तकरीबन 500 करोड़ रुपये का इंस्टाॅलमेंट राज्य को नहीं दिया है.
इन जिलों में निर्माण की हालत ज्यादा खराब
पीएमएवाइ निर्माण में सबसे खराब स्थिति सुपौल
की है. इसके बाद अररिया, कटिहार, सीतामढ़ी, सहरसा, पूर्णिया, शिवहर, मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिले शामिल हैं.
