डाक और पार्सल की डिलिवरी में परेशानी
पटना : वेतन भत्ता को जनवरी, 2016 से लागू करने, वित्तीय पदोन्नति, चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस व कमलेश चंद्रा की सिफारिशों को लागू करने को लेकर ग्रामीण डाकसेवक मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्र की डाक सेवाएं बाधित हो रही हैं. डाक व पार्सल की डिलिवरी नहीं हुई है.
अखिल भारतीय ग्रामीण डाकसेवक संघ और नेशनल ग्रामीण डाकसेवक संघ के संयुक्त आह्वान पर ग्रामीण डाक सेवा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है. इस हड़ताल में 15 हजार डाकसेवक शामिल हैं. हड़ताल के कारण प्रदेश के लगभग 8000 उप डाकघर और शाखा डाकघर में आने वाली डाक, पार्सल आदि का काम दूसरे दिन भी ठप रहा. अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण डाकसेवक बुधवार को पटना जीपीओ परिसर में धरना पर बैठ गये हैं. धरना पर राम राज सिंह, बलराम पांडेय, आनंद कुमार, संतोष कुमार राजेंद्र प्रसाद सिंह, अमर नाथ पांडेय आदि बैठे हैं.
15 हजार से अधिक ग्रामीण डाकसेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर : अखिल भारतीय ग्रामीण डाकसेवक संघ के सर्किल सचिव मथुरा सिंह ने बताया कि डाक विभाग ने ग्रामीण डाकसेवकों के वेतन भत्ता व सेवा शर्तों पर विचार करने को एक कमेटी बनायी थी. जिसकी सिफारिशों को लागू करने के लिए इसी साल मई-जून में 16 दिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल हुई थी.
उसके बाद केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया था. लेकिन, उसके अनुरूप वेतन भत्ता नहीं दिया गया. बल्कि एक जनवरी, 2016 के बदले एक जुलाई, 2018 से लागू किया गया तथा अन्य सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. इसी के विरोध में ग्रामीण डाकसेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. हड़ताल को लेकर निदेशक (डाक सेवाएं) मनोज कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गयी. लेकिन, संपर्क नहीं हो सका.
