अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर राज्य शिया वक्फ बोर्ड ने भूमिहीनों के बीच वितरित की जमीन
पटना : हज भवन में मंगलवार को सैकड़ों मुसलमान परिवारों के बीच आठ हिंदू परिवार खास बने हुए थे. गायघाट निवासी गुड्डी देवी, सुग्गन देवी, सुषमा देवी, रूबी वर्मा, अशोक कुमार, दौलती देवी, कमला देवी, मनोज कुमार खुश थे क्योंकि उनकी जिंदगी में पहली बार उन्हें जमीन हासिल हुई थी. सभी तकरीबन 25 वर्षों से चांद कॉलोनी में अवैध रूप से रह रहे थे लेकिन अब प्रत्येक को तकरीबन पांच धूर जमीन का पट्टा प्रदान किया गया है.
जमीन के कागजात पाते ही उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया प्रभात खबर को देते हुए कहा कि हम 25 वर्षों से मुसलमान भाई-बहनों के साथ रह रहे हैं, आज उन्हीं के साथ जमीन पाकर अंतत: हम पड़ोसी बन गये.
इस कारण हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है. बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड ने हज भवन में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर जमीन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें वक्फ लीज एक्ट के तहत शहरी गरीबों के 140 परिवारों को आवास के लिए जमीन दी गयी. इनमें आठ हिंदू परिवार थे, बाकी सब मुसलमान थे.
वक्फ की संपत्ति खुदा की संपत्ति और खुदा अपने बंदों में फर्क नहीं करता : सभी जरूरतमंदों के बीच जमीन के कागजातों का वितरण बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के चैयरमैन इरशाद अली द्वारा किया गया. जमीन वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इरशाद अली ने कहा कि वक्फ की प्रॉपर्टी को हमलोग जरूरतमंदों को प्रदान करते हैं.
चाहे वे किसी भी समुदाय के क्यों न हों. आज इस जमीन वितरण कार्यक्रम में बोर्ड ने गायघाट के पास 82 कठ्ठा जमीन को 132 मुस्लिम और आठ हिंदू परिवारों के बीच वितरित किया. चैयरमैन ने आगे अपने संबोधन में कहा कि ‘वक्फ लीज एक्ट’ के हर परिवार को पांच धूर जमीन दी गयी, इसके लिए उन्हें 500 रुपये प्रति महीने यानी प्रति धूर 100 रुपये के हिसाब से देने होंगे.
