आईआईटी व एनआईटी को छोड़ अन्य की हालत खस्ता
पटना : राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेजों की कमी नहीं है. यहां आईआईटी, एनआईटी के अलावा अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं. इनमें अधिकांश कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल नाममात्र का है, जहां कैंपस प्लेसमेंट भी नाममात्र के लिए ही होता है. जानकारी के अनुसार लेकिन आईआईटी, एनआईटी अलावा दो-तीन अन्य कॉलेजों को छोड़ दिया जाये, तो अन्य कॉलेजों की ओर से प्लेसटमेंट के लिए कंपनियों को नहीं बुलाया जाता है. इस कारण विद्यार्थियों को प्राइवेट कंपनियों में साक्षात्कार देने का अवसर नहीं मिल पाता है. ऐसे में विद्यार्थी इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के साथ गेट की तैयारी करते हैं.
आधारभूत संरचना की कमी
इसके अलावा कुछ कॉलेजों में आधारभूत संरचना की भी कमी है. ऐसे भी कॉलेज हैं, जहां पेयजल, शौचालय, क्लास रूम आदि की कमी है. यहां तक कि ऐसा भी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जहां कुछ साल से लैब ही बंद पड़ा है. इस कारण वहां से विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है.
हजारों विद्यार्थी दूसरे राज्यों में लेते हैं एडमिशन
आईआईटी व एनआईटी में एडमिशन दाखिला पानेवाले विद्यार्थियों को छोड़ दिया जाये, तो ऐसे हजारों विद्यार्थी हैं जो अन्य राज्यों में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं. इनमें पश्चिम बंगाल, ओड़िशा व झारखंड के कॉलेज शामिल हैं.
