पटना : शहर के अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या में थोड़ी कमी आने लगी है. पीएमसीएच में पिछले पांच दिनों में डेंगू के सात से 10 मरीज आये हैं जबकि इससे पहले अकेले पीएमसीएच में रोजाना 50 से 70 मरीज भर्ती हो रहे थे. पीएमसीएच का डेंगू वार्ड मरीजों से भर गया था. कई मरीजों को दूसरे वार्ड में भर्ती होना पड़ता था. ठंड शुरू होने के बाद वर्तमान समय में डेंगू वार्ड में कम मरीज ही भर्ती हैं.
डेंगू का लिवर पर होता है बुरा असर : गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि ट्रोपिकल डिजीज का लिवर पर बुरा असर पड़ता है. डेंगू उनमें एक है. डेंगू ज्वर से शरीर में कई एंजर्राम बढ़ जाते हैं जो कई तरह के विकार पैदा करते हैं और लिवर डैमेज करने में समक्ष हैं. डॉ मनोज ने लोगों को अपील की है कि वे डेंगू के लक्षण सामने आने पर स्वयं दवा न लें और विशेषज्ञ की सलाह से दवा लें.
डेंगू के 10 नये मरीज मिले : पीएमसीएच में सोमवार को 10 नये डेंगू मरीजों की पुष्टि हुई है. ये सभी मरीज पटना के हैं. पीएमसीएच के वायोरोलॉजी लैब में शनिवार को आये सेंपल के आधार पर पुष्टि हुई है.
ठंड बढ़ने पर नहीं पैदा होते एडीज मच्छर
पीएमसीएच वायोरोलॉजी लैब के इंचार्ज डॉ सच्चिदानंद कुमार ने बताया कि ठंड शुरू होते ही डेंगू मरीज कम होने लगते हैं. ठंड की वजह से एडीज मच्छर पैदा नहीं होते. ठंड जैसे-जैसे बढ़ेगी, इन मच्छरों की संख्य कम होती जायेगी और डेंगू का प्रकोप समाप्त हो जायेगा. हालांकि नवंबर महीने तक डेंगू का प्रकोप अधिक रहता है. ऐसे में नवंबर व दिसंबर महीने के पहले सप्ताह तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
