मोकामा : मोकामा प्रखंड के मोर पश्चिमी ग्राम कचहरी ने हरे पेड़ कटवाने का फरमान सुनाया . इस फरमान के बाद दो–तीन पेड़ धराशायी कर दिये गये. वहीं, इसका विरोध करने वाले शख्स को जान से मारने की धमकी दी गयी.
काटे गये पेड़ सरकारी योजना से सड़क किनारे व निजी जमीन पर लगाये गये थे. पंचायत के इस कड़े फैसले विवश होकर एक शख्स ने इसकी लिखित सूचना स्थानीय पुलिस को दी. पुलिस मामले की छानबीन कर कार्रवाई में जुटी है. ग्रामीणों का कहना है कि विवादित जमीन पर कब्जा जमाने के उद्देश्य से जबरन पेड़ कटवाये गये हैं.
एक ओर सरकार पौधारोपण के लिए महत्वपूर्ण योजना चला रही है. वहीं, दूसरी ओर सरकार से जुड़े लोग हरे पेड़ों को कटवाने का काम कर रहे हैं. ग्रामीणों ने पंचायत पर एक पक्षीय फैसला सुनाने का भी आरोप लगाया. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पेड़ कटवाने का निर्णय लेना ग्राम कचहरी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
इस संबंध में सरपंच निरंजन कुमार ने कहा कि ग्राम कचहरी ने पेड़ काटने का फैसला नहीं सुनाया है. रविवार को दो पक्षों के बीच जमीन विवाद की सुनवाई में नापी का आदेश पारित हुआ था. पेड़ काटे जाने की जानकारी पंचायत के संज्ञान में नहीं है.
