रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाते हैं फिर भी कोर्ट से मिल जाती है राहत
पटना : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गये सरकारी कर्मचारी व अधिकारियों को लगातार कोर्ट से राहत मिल रही है. इसको लेकर सरकार सचेत हो गयी है. सरकार इसका वजह जानना चाहती है. इसके लिए सभी विभागों से मुख्य सचिव दीपक कुमार ने ऐसे मामलों का ब्योरा तलब किया है.
साथ ही, सभी विभागों में हुए ऐसे मामलों की समीक्षा की भी रणनीति बनायी है. इसके लिए विभागवार तिथि तय कर दी गयी है. 26 से 30 नवंबर तक समीक्षा करने की योजना है. सभी विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक, निगरानी को इस बाबत पत्र भेजा जा चुका है.
विभागीय कार्यवाही में होती है गलती : आये दिन सरकारी सेवा के कर्मचारी व पदाधिकारी रिश्वत के साथ गिरफ्तार किये जा रहे हैं. निगरानी विभाग की टीम इस तरह की कार्रवाई करने से पहले तमाम स्तरों पर छानबीन करती है.
सूचना पुख्ता हो जाने के बाद ही इस तरह की कार्रवाई को अंजाम दिया जाता है. बावजूद इसके इन पदाधिकारियों व कर्मचारियों को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है. सूत्रों की मानें तो सरकारी स्तर पर होने वाली कार्यवाही में कमी रह जाती है. इसी का लाभ रिश्वत लेते पकड़े गये कर्मचारियों व अधिकारियों को मिलता है.
एक वर्ष के मामलों की होगी समीक्षा : मुख्य सचिव दीपक कुमार ने ऐसे एक वर्ष के मामलों की समीक्षा की योजना बनायी है, जिसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की ओर से सरकारी दंडादेश को निरस्त कर दिया गया है. इसके तहत सभी विभागों से ऐसे मामलों से संबंधित सरकारी सेवकों के विरुद्ध पारित दंडादेश/न्यायादेश की प्रति भी देने को कहा गया है.
बैठक की तय तिथि से दो दिन पूर्व सामान्य प्रशासन विभाग को इस तरह की सूचना देनी है. साथ ही, यह भी निर्देश दिया है कि इस विषय के जानकारी वरीय पदाधिकारी को विभागीय प्रतिवेदन के साथ समीक्षा में भाग लेने को भेजा जाये.
