पटना : ऑर्गन डोनर की मां बोली, आज भी लगता है कि मेरा बेटा जिंदा है

पटना : सौरभ प्रतीक आज भी जिंदा है. जिन लोगों को मेरे बेटे का हृदय व लीवर लगा है, उनको देख कर आज भी लगता है कि मेरा बेटा जिंदा है.अंगदान को लेकर सभी लोगों को यह प्रयास करना चाहिए, ताकि अंग के अभाव में किसी को परेशानी नहीं हो. यह कहना है सरिता सिन्हा […]

पटना : सौरभ प्रतीक आज भी जिंदा है. जिन लोगों को मेरे बेटे का हृदय व लीवर लगा है, उनको देख कर आज भी लगता है कि मेरा बेटा जिंदा है.अंगदान को लेकर सभी लोगों को यह प्रयास करना चाहिए, ताकि अंग के अभाव में किसी को परेशानी नहीं हो. यह कहना है सरिता सिन्हा और शशि भूषण प्रसाद का. दरअसल पिछले महीने आईजीआईएमएस के द्वारा सौरभ प्रतीक के निधन के बाद उसका हृदय व लीवर दिल्ली व कोलकाता भेजा गया था. जहां दो मरीजों को प्रतीक का लीवर व हृदय ट्रांसप्लांट कर लगाया गया.
सोमवार को आईजीआईएमएस ने एक संवाददाता सम्मेलन व कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें सौरभ के माता-पिता दोनों आये थे. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्य सचिव दीपक कुमार ने किया. मुख्य सचिव से मांग के तौर पर सौरभ की मां सरिता सिन्हा ने कहा कि मेरे बेटे को शहीद का दर्जा दिया जाये. दीपक कुमार ने कहा कि सौरभ ने संपूर्ण शरीर को दान देकर बिहार का नाम रोशन किया है.
आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने कहा कि मां की मांग को मानते हुए अस्पताल प्रशासन एक प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को भेजा जायेगा. अगर स्वीकृति मिलती है तो शहीद का दर्जा बेटे को दे दिया जायेगा. कार्यक्रम के मौके पर सौरभ के माता व पिता को शॉल व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
सबसे अधिक भारत में कैंसर के मरीज: महावीर कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ बीके सान्याल ने कहा कि कैंसर के रोगियों की संख्या प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है. मरीजों को जागरूक कर रोग को रोका जा सकता है.

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