पटना : जिले के आठ प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. बुधवार को जिलाधिकारी कुमार रवि ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लिया गया. जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिले के आठ प्रखंड फुलवारीशरीफ, दनियावां, बिक्रम, धनरूआ, नौबतपुर, पालीगंज, दुल्हिनबाजार एवं मसौढ़ी को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है.
इनको विशेष अनुदान देने के लिए कार्रवाई की जायेगी. बैठक में उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सूखाग्रस्त प्रखंडों में खरीफ मौसम में 1210 क्विंटल चना बीज, 1303 क्विंटल मसूर बीज, 163 क्विंटल मटर बीज एवं 15.45 क्विंटल राई बीज की अतिरिक्त मांग कृषि विभाग से करें. उन्होंने बताया कि अब इन प्रखंडों में गेहूं के बजाय मसूर, चना, राय और सरसों के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है.
30 फीसदी कम हुई है बारिश
जिले में एक जून से 15 अक्टूबर, 2018 तक वर्षापात की कमी 30.69 प्रतिशत है. इसके अलावा इन प्रखंडों में बारिश की स्थिति और खराब रही है.
ऐसे में जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिला किसानों से प्राप्त आवेदनों काे जल्द- से- जल्द निबटाया जाये. बैठक में जिलाधिकारी के अलावा अपर समाहर्ता , जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी व परियोजना निदेशक आत्मा सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
अनुदान सहायता आवेदन की जांच कर करें भुगतान
जिलाधिकारी को बताया गया कि फसल सहायता योजना के तहत 65858 आवेदन प्राप्त हुए हैं.
जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आवेदन पत्र की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें. वहीं, जिले में डीजल सब्सिडी योजना अंतर्गत 99483 निबंधन हुए हैं. 65245 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 35894 आवेदन स्वीकृत हुए हैं. इसमें अब तक चार करोड़ 58 लाख 66 हजार 585 रुपये वितरित किये जा चुके हैं. डीएओ को निर्देश दिया कि डीजल सब्सिडी योजना की राशि के भुगतान का रैंडम जांच फील्ड जांच करें. ताकि सही लाभ की जानकारी मिले.
पंचायतवार एवं प्रखंडवार डीजल सब्सिडी के लिए प्राप्त आवेदनों का स्वयं समीक्षा कर भुगतान की कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं. जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि 7322 डीजल सब्सिडी से संबंधित आवेदन का निष्पादन शीघ्र करें.
बाढ़ : बाढ़ के कांग्रेस मैदान में पटना जिला ग्रामीण कांग्रेस के तत्वावधान में बाढ़ अनुमंडल के सभी प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार से दो दिवसीय उपवास कार्यक्रम शुरू किया गया. इस दौरान जिलाध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर ने कहा कि बाढ़ अनुमंडल के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.
राज्य के कई प्रखंडों को सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित किया, लेकिन सूखे से जूझ रहे बाढ़ अनुमंडल के एक भी प्रखंड को इसमें शामिल नहीं किया गया. वहीं, टाल क्षेत्र में भी किसान परेशान हैं. मौके पर सभी वक्ताओं ने अनुमंडल को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए लगातार संघर्ष करने का एलान किया.
उपवास स्थल पर युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमार आशीष, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार दिनकर, रामानंद शर्मा ,सतीश सिंह ,भुनेश्वर यादव, दिनेश यादव ,भोपाल पांडे ,राम प्रवेश सिंह ,विजय कुमार सिंह के अलावा कई किसान मौजूद थे.
