दिसंबर तक बिहार सरकार की ओर से अधिसूचित हो जायेगा ऊर्जा संरक्षण कानून, 2019 से लागू
पटना : बिहार के हरेक व्यावसायिक भवन के निर्माण में 2019 से ऊर्जा संरक्षण अधिनियम का पालन करना अनिवार्य होगा. राज्य में दिसंबर तक ऊर्जा संरक्षण कानून पास हो जायेगा. जिसके बाद से व्यावसायिक भवनों निर्माण में यह करना जरूरी होगा. इसकी सीमा 100 किलोवाट भार से ऊपर होगी. दिसंबर 2018 तक बिहार सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता अधिसूचित हो जाने की उम्मीद है. इसकी जानकारी बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी ब्रेडा के निदेशक आलोक कुमार ने दी है.
उन्होंने ऊर्जा विभाग के तहत ब्रेडा, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, यूरोपीय संघ, प्राइस वाटरहाउस कूपर्स इंडिया, एक्सर्जिया-ग्रीस के द्वारा मंगलवार को ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ईसीबीसी) पर आयोजित तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला में इसकी जानकारी दी. कहा कि बिहार भवन उप-कानूनों में ईसीबीसी प्रावधानों का एकीकरण प्रक्रिया में है. महापौर के साथ वार्ता को प्रस्तुत किया. केविन ओरॉर्के ने एनर्जी परफॉर्मेंस बिल्डिंग डायरेक्टिव्स के कार्यान्वयन में यूरोपीय संघ के अपने अनुभवों को साझा किया.
पहली पूर्वी क्षेत्रीय कार्यशाला में पूर्वी क्षेत्र राज्यों जिसमें बिहार के अलावा झारखंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और देश के बाकी राज्यों के अन्य प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों के बारे में जानकारियां दी.
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए निदेशक आलोक कुमार ने बिहार में आने वाले भवन निर्माण के तरीके और सभी वाणिज्यिक भवनों के लिए ईसीबीसी को जरूरी करने की तत्काल आवश्यकता के साथ बिल्डिंग में ऊर्जा खपत के परिदृश्य के बारे में बताया. उन्होंने जलवायु संकट और संबंधित चुनौतियों के बारे में बात की.
