ईओयू में दर्ज कराया गया मामला
पटना : पंजाब नेशनल बैंक कंकड़बाग शाखा ने गजब की दरियादिली दिखायी है. फर्जी दस्तावेजों के एवज में बैंक ने चार करोड़ 67 लाख रुपये का लोन कारोबार के लिए दे दिया. जब समय से किस्त नहीं मिली तो छानबीन शुरू हुई. परंतु किस्त लेने में बैंक असफल रहा. अब बैंक प्रबंधन ने दो अलग-अलग मामलों में दो महिलाओं सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. यह मुकदमा ईओयू (इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट) में दर्ज कराया गया है. उधर, दबी जुबान से बैंक प्रबंधन की इस कारगुजारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं.
पीएनबी कंकड़बाग के चीफ मैनेजर बैरागी कानहर की ओर से दिये गये प्रार्थना पत्र के अनुसार, मै शीला कंस्ट्रक्शंस के पार्टनर सुधीश कुमार चौधरी पुत्र बलिराम चौधरी निवासी फ्लैट नंबर-302, बुद्धा रेजीडेंसी, ब्लॉक-4 बुद्धा कॉलोनी, पटना और चंदा कुमार पत्नी अभिषेक कुमार निवासी फ्लैट नंबर 301, तृतीय तल, ओरियंट हाइट्स अपार्टमेंट, फेस-दो, रामजयपाल नगर, बोली रोड, पटना ने टर्म लोन के लिए आवेदन किया.
सारे दस्तावेज निकले फर्जी
सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद 20 फरवरी 2016 को दो करोड़ का लोन स्वीकार हुआ. इसमें राजकुमार पांडेय पुत्र महावीर पांडेय निवासी न्यू जक्कनपुर, पटना गारंटर बने थे. पैसा बैंक ने दे दिया. इसके बाद किस्त जमा नहीं हुई.
इसके लिए बैंक ने वसूली को लेकर दबाव बनाया, पर कोई लाभ नहीं मिला. थक हारकर रिकवरी के लिए बैंक प्रबंधन ने मॉरगेज रखी प्रॉपर्टी के दस्तावेज निकाले. रिकवरी के लिए मौके पर बैंक के अधिकारी पहुंचे तो मामला दूसरा ही निकला. हाजीपुर में जमीन के नाम पर लोन लिया गया था. वहां जाकर पता चला कि जमीन तो किसी और की है. बैंक में जमा सारे दस्तावेज फर्जी हैं.
इस मामले में बैंक ने ईओयू का सहारा लिया है. बैंक के मुख्य प्रबंधक बैरागी कानहर ने सुधीश कुमार चौधरी, चंदा कुमारी और राजकुमार पांडेय के खिलाफ फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया है. दूसरा मामला भी फर्जी दस्तावेजों से लोन लेने का है. यहां राशि दो करोड़ 67 लाख रुपये दिये गये. 27 फरवरी 2015 को लोन स्वीकृत हुआ और राशि दे दी गयी.
इस मामले में इम्तियाज अहमद पुत्र सैयद अली, खाजपुरा, इमामबाड़ा, बीवी कॉलेज, पटना, अपर्णा भट्टाचार्या पत्नी राजकुमार पांडेय, निवासी न्यू जक्कनपुर, पटना और राजकुमार पांडेय पुत्र महावीर पांडेय, निवासी न्यू जक्कनपुर, पटना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है. बताया जाता है कि फोटो पहचान पत्र तक में फर्जीवाड़ा किया गया है.
