श्रीकृष्ण सिंह के जयंती समारोह व कृषक समागम
पटना : केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 25% आरक्षण मिलने की वकालत की. उन्होंने कहा कि सालाना आठ लाख से कम आय वाले सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए.
इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्ताव रखा है. अठावले गुरुवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयेाजित श्रीकृष्ण सिंह के 131वें जयंती समारोह व कृषक समागम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा में भी आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग हो रही है.
किसी को धक्का दिये बगैर आरक्षण देने के लिए आरक्षण के दायरे को 50 से बढ़ाकर 75% करना होगा. इससे सभी का भला हो जायेगा. इसके लिए कानून में संशोधन करना होगा. उन्होंने कहा कि केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद यहां उपस्थित हैं.
वह कानून बनाते हैं. इसके बारे में वह बेहतर बता सकते हैं. केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास की नीति पर काम कर रही है. गरीब सवर्णों को आरक्षण मिल जाये तो सबका विकास हो जायेगा.
श्रीबाबू के सपनों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुबारा प्रधानमंत्री बनाना होगा. मोदी सरकार दलित विरोधी नहीं है. अपने अंदाज में कविता पाठ करते हुए उन्होंने उपस्थित लोगों को खूब हंसाया. कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोस्त हो गये हैं. लोकसभा में डरने की बात नहीं है. 2019 में कांग्रेस का बाजा बजा देंगे. उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी जाति व्यवस्था का नहीं, ब्राह्मणवादी व्यवस्था का विरोध करती है.
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि श्रीबाबू के बिहार की तरह भारत को दुनिया की एक बड़ी ताकत बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगे हैं.
समावेशी भारत का निर्माण करना चाहते हैं. चार चीजों के कामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सियोल पीस अवार्ड के चुना गया है. उन्होंने कहा कि जमींदारी के खिलाफ बिहार में पहला कानून बना. इसके लिए श्रीबाबू को कितना संघर्ष करना पड़ा होगा. कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार को बर्बाद करनेवाले के साथ पार्टी खड़ी हो गयी. श्रीबाबू के स्वरूप को मोदी सरकार में रखने का प्रयास हो रहा है. केंद्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि श्रीबाबू का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है. वह बिहार के नवनिर्माण के शिल्पकार थे.
