पुलिस का दावा, इस बार और गिर गया अपराध का ग्राफ

पटना : राज्य में कानून का राज कायम है. पुलिस रूल आफ लॉ लागू करने में पूरी तरह सफल रही है. अपराध का ग्राफ लगातार गिर रहा है. कुछ घटनाओं के कारण पुलिस की छवि नकारात्मक बनी है लेकिन पुलिस ने उन घटनाओं में तेजी से कार्रवाई की. आरोपियों की गिरफ्तारी में भी कोई देरी […]

पटना : राज्य में कानून का राज कायम है. पुलिस रूल आफ लॉ लागू करने में पूरी तरह सफल रही है. अपराध का ग्राफ लगातार गिर रहा है. कुछ घटनाओं के कारण पुलिस की छवि नकारात्मक बनी है लेकिन पुलिस ने उन घटनाओं में तेजी से कार्रवाई की. आरोपियों की गिरफ्तारी में भी कोई देरी नहीं हुई. आगे भी इसमें गिरावट आयेगी.
अपराध होने के बाद खुलासे और कार्रवाई को सीआईडी भी सलाह दे रही है. यह दावा करते हुये अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय एसके सिंघल ने शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन में बताया कि अगस्त 2018 की तुलना में सितंबर 2018 में अपराध के कुल 12 शीर्ष में से 10 शीर्ष में कमी आई है. लूट और डकैती की घटनाओं वृद्धि हुई है.
हत्या अौर साधारण अपहरण की वारदातों में वृद्धि हुई है. कानून व्यवस्था को लेकर उठने वाले सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन औसतन 700 मामले दर्ज होते हैं. हत्या के 18 साल के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया है कि प्रदेश में प्रतिदिन हत्या की घटनाओं का औसत संख्या प्रतिदिन 7.2 और अधिकतम 10.2 है.
सेंट्रल एजेंसी भी कर रही काम
पटना. मुंगेर में एके 47 मिलने के मामले में एडीजी मुख्यालय ने बताया कि इसकी एनआईए को जांच सौंपी जाये कि नहीं यह बाद में निर्णय लिया जायेगा. बिहार पुलिस केंद्रीय एजेंसियाें के साथ जांच जारी रखे है.
पिछले माह के मुकाबले बढ़ी लूट
पटना. अगस्त से सितंबर की तुलना की जाये तो डकैती में 41.67 तथा लूट के मामलों में 21.67 फीसदी की वृद्धि हुई है. सितंबर, 2017 की तुलना में हत्या में 3.64 और अपहरण में 15.99 % की वृद्धि हुई है.

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