नगर आयुक्त के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित, कर्मियों में खुशी
पटना : दैनिक मजदूरों को नियमित करने, दैनिक मजदूरी बढ़ाने, पारिवारिक पेंशन लागू करने, पदोन्नति व्यवस्था सुनिश्चित करने आदि मांगों को लेकर गुरुवार से निगम कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये.
मुख्यालय से लेकर अंचलों में कार्यरत कर्मी सुबह से ही काम छोड़ हड़ताल में शामिल हो गये. इससे कूड़ा प्वाइंटों के कचरे का उठाव नहीं हो सका. वहीं, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन भी ठप हो गया. आधा-अधूरा कचरा उठाव होने की वजह से दिन भर कूड़ा प्वाइंटों पर कचरा बिखरा रहा. वहीं, काम छोड़ निगमकर्मियों ने मौर्यालोक पहुंच कर धरना दिया.
यूनियन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन से बातचीत की. नगर आयुक्त ने सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया. इसके बाद यूनियन के अध्यक्ष ने कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि नगर आयुक्त मांगों को पूरा करने को लेकर काम कर रहे हैं और पूरा करने का आश्वासन भी दिया है.
जश्न का माहौल यूनियन अध्यक्ष चंद्र प्रकाश
सिंह के अनुरोध पर नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन निगम कर्मियों के धरना स्थल पर पहुंचे. निगम कर्मियों को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि सातवां वेतन, पारिवारिक पेंशन, एक तारीख को वेतन भुगतान और 10 वर्षों से कार्यरत दैनिक मजदूरों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. निगम में दैनिक मजदूर की व्यवस्था खत्म होगी. दैनिक मजदूरों को वर्तमान में 313 से 400 तक रुपये मिल रहे हैं.
इस राशि को बढ़ाया जायेगा. इसके साथ ही 25 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा के साथ-साथ मेडिकल बीमा भी किया जायेगा. नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद निगम कर्मियों में जश्न का माहौल था और फिर खुशी-खुशी निगम सफाईकर्मी अपने कार्य पर लौट गये.
पटना सिटी में होता रहा काम
बांकीपुर अंचल में कार्यरत सफाई कर्मियों में 50 प्रतिशत कर्मी हड़ताल में शामिल थे. वहीं, पटना सिटी अंचल में सिर्फ पांच से 10 प्रतिशत कर्मियों ने ही हड़ताल का समर्थन किया. इससे बांकीपुर अंचल से आधा-अधूरा कचरा उठाव किया गया. लेकिन, पटना सिटी में कर्मी अपने काम में जुटे रहे.
डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रभावित
सफाई कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कार्य भी ठप रहा. अंचल के कार्यपालक पदाधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार नूतन राजधानी अंचल के 2545 घरों, पाटलिपुत्र अंचल के 1970 घरों, बांकीपुर अंचल के सिर्फ दो वार्डों के प्रत्येक सेक्टर और कंकड़बाग अंचल के दो-तीन वार्डों में ही डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया गया.
