पटना : बिहार की राजनीति में जाति एक बड़ा फैक्टर रहा है. पार्टियां जातिगत सम्मेलन करती रही हैं, लेकिन यह बिहार के राजनैतिक इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है कि अब नेताओं के सम्मान में लगाया जाने वाले होर्डिंग में नेताओं की तस्वीर पर उनके नाम की जगह वे किस जाति या समुदाय से आते हैं ,यह बताया गया है. यह होर्डिंग काफी चर्चा में है. शहर के आयकर चौराहे पर कांग्रेस के सिद्धार्थ क्षत्रिय की ओर से होर्डिंग लगाया गया है. होर्डिंग में पार्टी की नयी प्रदेश कमेटी में शामिल नेताओं के जाति बतायी गयी है. होर्डिंग में कहा गया है कि नयी प्रदेश कार्यसमिति सामाजिक समरसता की मिसाल है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तस्वीर पर ब्राह्मण समुदाय लिखा हुआ है, तो बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल की फोटो पर राजपूत समुदाय लिखा है. अल्पेश ठाकुर की फोटो पर पिछड़ा समुदाय . बिहार प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष व सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह को भूमिहार, तो प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को ब्राह्मण .
कार्यकारी अध्यक्ष अशोक राम को दलित , कौकब कादरी को मुसलमान, समीर सिंह को राजपूत और श्याम सुंदर सिंह धीरज को भूमिहार समुदाय का बताया गया है. सदानंद सिंह को पिछड़ा समुदाय का बताया गया है. इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस जातिवाद में भरोसा नहीं करती. बैनर में सामाजिक समरसता की बात की गयी है. इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
