पटना : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 30 फीसदी से अधिक अंशधारक ऐसे हैं, जिनका केवाईसी उनके यूएएन नंबर से नहीं जुड़ा है. इस कारण ऐसे अंशधारक ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं को लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार पिछले चार साल से केवाईसी के लिए यह जद्दोजहद जारी है, लेकिन यह आज भी पूरी नहीं हो सकी है.
हालांकि सरकार ने ईपीएफओ के दायरे में आने वाली कंपनियाें और संस्थानों से पीएफ अंशधारकों को यूएएन और केवाईसी से लिंक करने का काम जल्द-से-जल्द पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है. इसके बाद ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय मेंं हलचल मची हुई है. इसे लेकर ईपीएफओ के अधिकारी रणनीति बनाने में जुटे हैं.
जानकारी के अनुसार बिहार के 30% से अधिक अंशधारकों ने यूएएन को केवाईसी से लिंक नहीं कराया है. लिंक नहीं कराने वाले अधिकांश अंशधारक मुजफ्फरपुर व भागलपुर के हैं. वर्ष 2014 में ईपीएफओ से जुड़ी सेवाओं में तेजी लाने ओर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अंशधारकों के लिए 12 अंकों वाला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) जारी किया गया. यह पीएफ से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए अनिवार्य है.
जब अंशधारक अपना केवाईसी यूएएन से जोड़ लेता है, तो वह अपने मोबाइल से पीएफ खाते से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है. अगर आपके पीएफ खाते में बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं होती है, तो क्लेम रिक्वेस्ट रिजेक्ट भी हो सकता है. इसके अलावा केवाईसी दस्तावेज जमा नहीं करा रखा है, तो कोई एसएमएस अलर्ट आपको नहीं मिलेगा.
