यूजीसी ने सीबीसीएस कोर्स में इसे शामिल करने के दिये हैं निर्देश
पटना : पटना यूनिवर्सिटी के साथ बिहार के तमाम विश्वविद्यालयों में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) व यूजी (अंडर ग्रेजुएट) कोर्स के स्टूडेंट्स को अब कोर्स के साथ एनएसएस की पढ़ाई भी करनी होगी. यूजीसी ने पहले ही विश्वविद्यालयों को आदेश जारी कर दिया है. यूजीसी ने सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम) कोर्स में इसे शामिल करने को कहा है. पटना यूनिवर्सिटी ने पीजी में एनएसएस कोर्स को सत्र 2018-19 में लागू भी कर दिया है. इसके साथ ही पीयू ने योगा को लेकर भी काम शुरू कर दिया है. सीबीसीएस में कई कोर्स को लागू किया गया है. यूजीसी ने साफ तौर पर कहा है कि स्टूडेंट्स को एनएसएस से मानव सेवा के बारे में बताया जायेगा. लेकिन पीयू, यूजी में सीबीसीएस लागू करेगी. यूजी में सीबीसीएस लागू करने के बाद एनएसएस पसंद के कोर्स के रूप में पढ़ना होगा.
गौरतलब है कि काफी समय से एनएसएस की एक्टिविटीज को सिरियसली नहीं लिया जा रहा था. अब कोर्स के साथ शामिल होने से स्टूडेंट का ध्यान इस ओर जायेगा. इसमें स्टूडेंट्स को डॉक्यूमेंटेंशन, रिपोर्टिंग, सिविल व सेल्फ डिफेंस, वोकेशनल स्किल्ड डेवलपमेंट समेत कई टॉपिक्स के बारे बताया जायेगा.
हर सेमेस्टर में 35 लेक्चर्स
यूजीसी ने इससे जुड़ा सिलेबस भी सभी विश्वविद्यालयों को भेजा है. साथ ही वेबसाइट पर अपलोड भी किया है. वैसे विश्वविद्यालयों को सिलेबस अपने अनुसार मोडीफाई भी करने की छूट है, लेकिन इसे अप्रूव कराना होगा. यूजीसी ने जो सिलेबस भेजा है वह सेमेस्टर सिस्टम के तहत बांटा हुआ है. यह इलेक्टिव सब्जेक्ट के रूप में है. इसमें छह सेमेस्टर हैं. हर सेमेस्टर में केवल एक ही पेपर है. हर सेमेस्टर के करिकुलम में 35 लेक्चर्स बांटे गये हैं. हर पेपर 100 मार्क्स का है जिसमें 60 मार्क्स थ्योरी और 40 मार्क्स प्रैक्टिकल व प्रोजेक्ट वर्क के हैं. एनएसएस लागू करने के पीछे स्टूडेंट्स की ओवरऑल पर्सनालिटी डेवलप करना है.
