पटना : प्रदेश के पांच लाख से अधिक संविदाकर्मियों को सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर तोहफा देने वाली नीतीश सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल तीन महीने के लिए विस्तारित कर दिया है. विस्तार का समय 13 अगस्त 2018 से जोड़ा जायेगा. इसके अलावा बेल्ट्रॉन के माध्यम से सेवा देने वाले डाटा इंट्री ऑपरेटरों की भी रिपोर्ट उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से तलब की गयी है.
इसको लेकर सरकार ने कहा है कि पुनर्विचार कर समिति अपनी रिपोर्ट देगी. इससे पहले समिति संबंधित विभागों से परामर्श करेगी. कुछ कारणों से कुछ विभागों के बोर्ड, निगम, प्राधिकार में कार्यरत संविदाकर्मियों का विवरण समिति को नहीं मिली थी. इसके कारण समिति ने अपनी रिपोर्ट में उनका जिक्र नहीं किया. अब नये सिर से विभागों से छूटे हुए संविदाकर्मियों का ब्योरा देते हुए पुनर्विचार कर रिपोर्ट बनाने को कहा गया है. बता दें कि संविदा पर तैनात कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर राज्य सरकार ने वर्ष 2015 में पूर्व मुख्य सचिव अशोक चौधरी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था. इस समिति ने इसी साल 13 अगस्त को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी. संविदाकर्मियों को सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर लाभ देने का फैसला सरकार ले चुकी है. इसे कैबिनेट से भी पास कर दिया गया है.
इसमें बेल्ट्रॉन की ओर से उपलब्ध कराये गये डाटा इंट्री ऑपरेटरों को अलग रखा गया है. इनको लेकर सरकार ने समिति से पुनर्विचार करने को कहा है. यह भी कहा गया है कि संबंधित विभागों से भी परामर्श किया जाये. सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है.
