पटना : पीएमसीएच में मरीजों से केवल पांच रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाता है लेकिन वाहन पार्किंग के लिए उन्हें दस रुपये देना पड़ता है. मरीजों से कम पंजीकरण शुल्क लेने के पीछे सरकार के द्वारा उन्हें अधिक से अधिक राहत देने का उद्देश्य है ताकि गरीब से
गरीब मरीज भी वहां आकर इलाज करवा सकें.
लेकिन पीएमसीएच प्रशासन के द्वारा पार्किंग के लिए टेंडर जारी करते समय इस बात का ध्यान नहीें रखा गया है. पार्किंग वाले की मानें तो उसे टेंडर में अपने हिसाब से पार्किग शुल्क के निर्धारण का अधिकार है. इसका फायदा उठा कर वह मनमाना पार्किंग शुल्क लगा रहा है और एक तरफ सरकार से मरीजों को जो राहत मिल रही है, वह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से खत्म हो गयी है.
दो घंटे के लिए देने पड़ते हैं 10 से 20 रुपये
पार्किंग वाले की मनमानी इतनी बढ़ गयी है कि महज दो घंटे के लिए बाइक और तिपहिया वाहन का पार्किंग शुल्क 10 रुपये जबकि चारपहिया वाहनों का पार्किंग शुल्क 20 रुपये निर्धारित कर दिया गया है. इससे कमोवेश सभी मरीज और उनके परिजनों में आक्रोश है, लेकिन विकल्प नहीं होने से वे ऊंचा पार्किंग शुल्क देने को विवश हैं.
सरकारी अस्पताल में इतनी ऊंची दर से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए . इससे गरीब मरीजों को परेशानी होती है.
—कुंदन
पार्किंग शुल्क की दो ही घंटे मान्यता है. दिन मेंं तीन बार आने पर तीन बार पार्किंग शुल्क देना पड़ता है, जो ठीक नहीं है.
—चंदन
