पटना : हर घर नल का जल योजना पूरा करने का समय निर्धारित

2020 तक कार्यों का निष्पादन करने के लिए जिम्मेदारी तय पटना : राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए हर घर नल का जल योजना को गति देने के लिए लगातार मॉनीटरिंग हो रही है. 2020 तक योजना के तहत कार्यों का निष्पादन करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गयी है. काम में […]

2020 तक कार्यों का निष्पादन करने के लिए जिम्मेदारी तय
पटना : राज्य के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए हर घर नल का जल योजना को गति देने के लिए लगातार मॉनीटरिंग हो रही है. 2020 तक योजना के तहत कार्यों का निष्पादन करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गयी है. काम में तेजी लाने के लिए समय सीमा निर्धारित की गयी है.
योजना के तहत फ्लोराइड, आर्सेनिक व आयरन प्रभावित टोले को चिह्नित कर फेज वाइज काम हो रहा है. फ्लोराइड प्रभावित 3831 वार्ड, आर्सेनिक प्रभावित 5246 वार्ड व आयरन प्रभावित 21096 वार्ड में रिमूवल ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर घरों में स्वच्छ पानी पहुंचाना है.
पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए इसके कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए लगातार समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि योजना के तहत होनेवाले काम की डीपीआर निर्माण, निविदा प्रकाशन, निविदा निष्पादन व काम शुरू करने में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों सहित कांट्रैक्टर पर कार्रवाई होगी.
राशि आवंटन में नहीं होगी देरी
हर घर नल का जल योजना में स्वीकृत योजनाओं का काम पूरा करने के लिए समय निर्धारित किया गया है. दूषित पानी प्रभावित वार्डों में स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए दो माह में डीपीआर तैयार कर योजना की स्वीकृति के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू करनी है. टेंडर तकनीकी स्वीकृति के बाद 15 दिनों के अंदर उसे प्रकाशित कर देना है. दो माह के अंदर टेंडर फाइनल पूरा हो जाना है.
ताकि टेंडर में चयनित एजेंसी काम शुरू कर सके. टेंडर के निष्पादन
का काम हर स्तर पर कैंप का आयोजन कर किया जायेगा. काम में राशि के आवंटन में मुख्यालय स्तर से विलंब नहीं हो इसके लिए क्षेत्रीय पदाधिकारियों से राशि आवंटन की मांग होने पर 15 दिनों के अंदर कार्रवाई पूरी करनी है.
जून तक पहुंचेगा नौ हजार वार्डों में पानी
अगले साल जून तक नौ हजार वार्डों में स्वच्छ पानी पहुंचेगा.फ्लोराइड प्रभावित 2979, आर्सेनिक प्रभावित 1240 व आयरन प्रभावित 4809 वार्ड के लिए योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं. काम में तेजी लाने के लिए छोटे-छोटे ग्रुपों में बांटा गया है.
विभागीय सूत्र ने बताया कि प्रत्येक योजना पर 35 से 40 लाख रुपये खर्च होंगे. जून तक स्वीकृत सभी योजनाओं का काम पूरा हो जायेगा. एजेंसी को पानी पहुंचाने के साथ उसका पांच साल तक मेंटेनेंस भी करना है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >