पटना : 2000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार, नहीं ले रहे आवेदक

पटना : जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए नगर आयुक्त ने एक अगस्त से चारों अंचलों में ही इसकी सुविधा बहाल करायी. नयी व्यवस्था शुरू होते ही रिकॉर्ड मिलाने व रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर को लेकर परेशानी होने लगी. इससे दिन-प्रतिदिन बैकलॉग आवेदनों की संख्या बढ़ने लगी. […]

पटना : जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए नगर आयुक्त ने एक अगस्त से चारों अंचलों में ही इसकी सुविधा बहाल करायी.
नयी व्यवस्था शुरू होते ही रिकॉर्ड मिलाने व रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर को लेकर परेशानी होने लगी. इससे दिन-प्रतिदिन बैकलॉग आवेदनों की संख्या बढ़ने लगी. अब जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनने की रफ्तार में तेजी आयी है, तो प्रमाणपत्र लेनेवाले आवेदक नहीं पहुंच रहे हैं. नयी व्यवस्था शुरू होने से पहले हजारों की संख्या में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन पेंडिंग में थे. इसके बाद नयी व्यवस्था में करीब 10 दिनों तक सिर्फ आवेदन ही प्राप्त किये गये. इससे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदनों की संख्या बढ़ गयी. नगर आयुक्त ने जन्म-मृत्यु शाखा में पेंडिंग आवेदकों को शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया.
इस निर्देश के आलोक में रजिस्ट्रार डिजिटल हस्ताक्षर के बदले मैनुअल हस्ताक्षर कर जन्म-प्रमाणपत्र बनाने लगे. अब स्थिति यह है कि करीब दो हजार से अधिक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बन कर तैयार हैं. इन प्रमाणपत्रों को अंचल स्तर पर भेजा गया.लेकिन, आवेदक इसे रिसिव करने नहीं पहुंचे. इसके बाद अंचलों से तैयार प्रमाणपत्र दुबारा मुख्यालय पहुंच गया है.
दलालों का नेक्सस खत्म : निगम मुख्यालय में जन्म-मृत्यु शाखा होने की वजह से बड़ी संख्या में सुबह से शाम तक दलालों का जमावड़ा लगा रहता था. दलाल परेशान व बेचैन आवेदकों की तलाश में लगे रहते थे और 300 से 1500 रुपये जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने को लेकर लेते थे. अब जन्म-मृत्यु शाखा को अंचलों में शिफ्ट करने के साथ-साथ ऑनलाइन कर दिया गया.

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