पटना : निबंधन कार्यालयों से बिचौलियों को दूर रखने के लिए राज्य सरकार ने करीब दो साल पहले ई-फाइलिंग योजना की शुरुआत की. इस प्रोसेस से आवेदक घर बैठे ऑनलाइन ही दस्तावेज तैयार कर निबंधन कार्यालय में जाकर उसकी रजिस्ट्री करा सकते थे.
इस कार्य के लिए न तो उनको वकील की आवश्यकता थी और न ही डीड राइटर की. लेकिन, आम जागरूकता व निबंधन कार्यालय कर्मियों के सहयोग के अभाव में एक फीसदी लोग भी इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ नहीं उठा रहे. 99 फीसदी से अधिक दस्तावेज अब भी मैनुअल निबंधित हो रहे हैं.
आधे घंटे में पूरी होती है डीड की प्रक्रिया : ई-फाइलिंग से डीड बनाने की प्रक्रिया महज आधे घंटे में पूरी हो जाती है. इसके लिए आवेदक को विभागीय वेबसाइट http://registration.bih.nic.in पर जाकर e-service लिंक खोलना होता है. लैंड रजिस्ट्रेशन खोल कर ई-मेल व मोबाइल नंबर डालते ही नया अकाउंट बना जाता है.
इसके बाद सभी विवरण डालते ही संपत्ति के ब्योरे के अनुसार स्टांप ड्यूटी व अन्य फीस की गणना स्वयं हो जायेगी. इसके बाद मॉडल दस्तावेज बनाने का विकल्प आयेगा, जिसका उपयोग कर दस्तावेज तैयार किया जा सकता है.
नियत समय पर कागजात के साथ कराएं रजिस्ट्री : दस्तावेज तैयार होने के बाद अावेदक अन्य दस्तावेजों के साथ नियत समय पर नजदीकी निबंधन कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इस दौरान उनको ई-फाइलिंग की प्राप्ति रसीद, मूल दस्तावेज, मुद्रांक सहित अन्य शुल्क भुगतान का प्रमाण, फोटो पहचान पत्र व पैन कार्ड की छाया प्रति, डाउनलोड कर भरा हुआ प्रपत्र 13 और भूमि का नजरी नक्शा साथ रखना होगा.
