पटना साहिब स्टेशन से पटना घाट के बीच बंद पड़े 1.25 किलोमीटर की दूरी वाले रेलवे ट्रैक की जमीन को राज्य सरकार को देने की घोषणा के साथ ही यहां पर सड़क बनने का रास्ता साफ हो गया है.
1150 मीटर लंबे ट्रैक व लगभग 11 एकड़ भूखंड का स्वामित्व राज्य सरकार के पास आने के बाद गंगा के किनारे बन रहे गंगा पाथ-वे में दीघा से दीदारगंज के बीच गंगा पथ पटना घाट से अशोक राजपथ तक जुड़ जायेगा. इस वजह से पटना घाट से अशोक राजपथ व पटना साहिब स्टेशन से पुरानी बाइपास सुदर्शन पथ व न्यू बाइपास रोड भी जुड़ जायेगा. इससे सड़क यातायात की व्यवस्था सुगम होगी. लोगों को जाम नहीं झेलना पड़ेगा. सड़क निर्माण होने की स्थिति में मारूफगंज मंडी पहुंचने के लिए अशोक राजपथ के हर जाम को झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी. वे शॉर्टकट मार्ग से मंडी पहुंच सकेंगे.
कभी ट्रेन से मंडी में आती थीं व्यापारिक वस्तुएं
मालसलामी थाना के समीप स्थित पटना घाट रेलवे स्टेशन अब अतीत का हिस्सा बनने वाला है. लोग बताते हैं कि चार दशक पहले तक किराना मंडी मारूफगंज व अनाज मंडी मसूरगंज में व्यापारिक वस्तुओं को लाद कर मालगाड़ी ट्रेन वहां आती थी, इसके बाद रेलवे की रैक से वस्तुओं को उतार मंडी में लाया जाता था. फिर पटना घाट से दीघा घाट के बीच डीएमयू ट्रेन सेवा आरंभ की गयी. जो पटना घाट से दीघा घाट के बीच चलती थी. यह ट्रेन सेवा भी रेलवे ने बंद कर दिया. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 350वां प्रकाश पर्व के दरम्यान पटना घाट स्टेशन पर यात्री सुविधा का विस्तार करने,यात्रियों के ठहरने के लिए कमरा बनाने के साथ अन्य विकास कार्य कराने की योजना रेलवे की ओर से बनायी गयी. लेकिन ये योजनाएं अब तक मूर्त रूप नहीं ले सकी हैं.
