पटना : पटना में तीन व हाजीपुर के एक श्मशान घाट पर स्थापित विद्युत शवदाह गृहों का जीर्णोद्धार होगा. नगर विकास विभाग ने राज्य जल पर्षद के प्रस्ताव पर विचार करते हुए शवदाह गृहों के जीर्णोद्धार की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. इस पर करीब चार करोड़ 80 लाख रुपये खर्च होंगे. अंतिम संस्कार के लिए प्रति दिन इन घाटों पर न्यूनतम 20-20 पार्थिव शरीर लाये जाते हैं.
विद्युत शवदाहगृह के कार्यरत नहीं रहने के कारण एक पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार में तीन-चार हजार रुपये तक खर्च होता है. विद्युत शवदाह गृह में 300 रुपये ही खर्च होंगे. इसमें महज 45 मिनट का समय लगता है. पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करने में दो-तीन घंटे लगते हैं. जानकारों का कहना है कि बांसघाट स्थित विद्युत शवदाहगृह की स्थापना 15 वर्ष पहले की गयी थी. तब से अभी तक तीन बार जीर्णोद्धार कराया गया. अभी किसी तरह से दो में से एक यूनिट ही यहां कार्यरत है. गुलबीघाट और खाजेकलाघाट के विद्युत शवदाह गृह पांच वर्षो से बंद पड़े हैं. इसी तरह से हाजीपुर के कोनहारा घाट की भी स्थिति बनी हुई है.
