मॉनसून सत्र : विधानमंडल में विपक्षी दलों का हंगामा, विपक्ष के सदस्यों ने वेल में आकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन शोषण मामले को लेकर मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष ने जम कर हंगामा किया. विपक्ष के सदस्य वेल में आ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीबीआई जांच की मांग करने लगे. विधान सभाध्यक्ष ने सदस्यों से कई बार सीट पर जाने का आग्रह किया. उन्होंने […]

पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन शोषण मामले को लेकर मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष ने जम कर हंगामा किया. विपक्ष के सदस्य वेल में आ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीबीआई जांच की मांग करने लगे.
विधान सभाध्यक्ष ने सदस्यों से कई बार सीट पर जाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि सरकार को आसन की ओर से निर्देशित किया गया है कि वे इस गंभीर मामले में अपनी बात कहें. सरकार इसके लिए तैयार भी है. आसन के यह कहने के बाद भी जब विपक्षी शोरगुल करते रहे. इसके बाद सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी गयी. सदन महज 15 मिनट ही चल सका.
मंगलवार को जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ भाकपा माले के विधायक के पोस्टर लेकर बेल में आ गये और नारेबाजी करने लगे. माले इस मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहा था. इसी दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन शोषण का मामला बेहद गंभीर है. सरकार और प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करने से बच रहा है. अभी तक जो भी कार्रवाई हुई है, वह न्यायालय के आदेश पर हुई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने में लगी है. इस कांड में अब तक 29 बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हो चुकी है. श्री यादव ने कहा कि सुशासन की सरकार में अपराध करने की पूरी छूट है. सरकार का कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है. उन्होंने जहानाबाद नालंदा और गया में लड़कियों के साथ छेड़खानी तथा बलात्कार की घटनाओं की चर्चा की.
यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि लड़कियां अब अकेले भी रात के बारह बजे कहीं आ जा सकती हैं, लेकिन उनके इस दावे के विपरीत राज्य में स्थिति यह है कि लड़कियां अपने अभिभावकों के साथ भी सुरक्षित नहीं हैं. इसलिए इस मामले पर सदन में चर्चा कराने के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाये. अध्यक्ष ने कहा कि वे सही समय पर इस मामले को उठाएं, लेकिन विपक्ष शोरगुल करता रहा.
सीबीआई जांच हो : राबड़ी
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुए दुष्कर्म मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचा रही है. सरकार इस मामले में लीपापोती कर रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बारे में जवाब देना चाहिए.
राबड़ी देवी ने कहा कि राज्य भर के बालिका गृहों में इस तरह की घटना हो रही है. सभी की जांच सीबीआई से होनी चाहिए. इस मामले में सरकार केवल चेहरा चमकाने में लगी है. यह खेल 2016-17 से राज्य के सभी जिलों में चल रहा है. कहने के लिए सुशासन बाबू की सरकार है. भगवान भरोसे राज्य की जनता को छोड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से जब गृह विभाग नहीं संभल रहा है तो वे दूसरे को प्रभार दें. सदन में जब विपक्ष जवाब मांगता है तो देना चाहिए.
तेजस्वी सीबीआई जांच पर अड़े, शक्ति बोले-सरकार ने सदन को गुमराह किया
पटना : विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव मुजफ्फरपुर के बालिकागृह में यौन शोषण प्रकरण की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि हम इस मामले में सीबीआई जांच कराने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. राज्य सरकार इसे दबाना चाहती है. राजद प्रवक्ता सह विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि मुजफ्फरपुर मामले में सरकार ने सदन को गुमराह किया है.
विधान परिषद

पटना : शराबबंदी संशोधन विधेयक पारित
पटना : बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2018 को उच्च सदन की भी मंजूरी मिल गयी है. मंगलवार को मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस विधेयक को विधान परिषद में रखा, जिसे चर्चा के बाद पारित घोषित किया गया. विपक्ष की तरफ से सुबोध कुमार ने एक संशोधन प्रस्ताव दिया, जिसे सभापति हारूण रशीद ने अस्वीकृत कर दिया.
हालांकि, इस पर चर्चा के दौरान होम डिलेवरी को लेकर सता व विपक्ष के सदस्य आपस में जरूर उलझ गये. मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि व्यापक पैमाने पर विचार-विमर्श के बाद यह संशोधन विधेयक लाया गया है. इस बीच विधेयक पर दिये गये एक संशोधन प्रस्ताव को अस्वीकृत किये जाने पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. डॉ रामचंद्र पूर्वे ने पुराने दिनों का हवाला देते हुए कहा कि जब पंचायतों में शराब की दुकानें खुलवायी जा रही थीं, उस वक्त राजद किताब पढ़ो रैली निकाल रहा था. पुरानी बातें उठाने पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आपत्ति जताते हुए सिर्फ संशोधन विधेयक पर अपनी बात रखने का आग्रह किया.
बावजूद पुरानी बातें उठाये जाने पर मंगल पांडेय ने राजद सदस्यों को तेल पिलावन रैली की याद दिलाते हुए घेरा. वहीं, विधान परिषद में ही बिहार तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हो गया. विधेयक को रखते हुए प्रभारी मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि अब इस आयोग से उच्च आय वर्ग के डॉक्टर व इंजीनियरों की भी बहाली होगी. इसलिए विधेयक से कर्मचारी शब्द हटा कर इसका नाम तकनीकी चयन आयोग कर दिया गया है. बगैर किसी संशोधन के सभापति ने विधेयक पारित होने की घोषणा की.
प्रधानाध्यापकों को जल्द हस्तगत होंगे 846 नवनिर्मित स्कूल भवन
शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा कि नवनिर्मित 846 स्कूल भवनों को जल्द ही पूर्णत: सुसज्जित कर प्रधानाध्यापकों को हस्तांतरित कर दिया जायेगा. वे विधान परिषद के ध्यानाकर्षण में सदस्य ललन कुमार सर्राफ के प्रश्न का जवाब दे रहे थे. मंत्री ने कहा कि नवनिर्मित भवनों की फर्नीशिंग का काम चल रहा है. उच्च सदन के सदस्य भी किसी न किसी स्कूल के सभापति हैं, इसलिए वे भी निगरानी रखें. स्कूलों में मानक के अनुरूप बेंच, डेस्क सहित प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद को लेकर स्कूलों को आवश्यक निर्देश दिये जा चुके हैं. इस खरीद में डीईओ की कोई भूमिका नहीं होगी. जरूरत पड़ी तो सरकार और राशि देकर स्कूलों को सुसज्जित करेगी.
जिला अस्पतालों में लगेंगी ब्लड सेपरेटर मशीनें : मंगल
पटना : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार डेंगू व चिकनगुनिया जैसे संक्रामक रोगों के इलाज को लेकर कई जिला अस्पतालों में ब्लड सेपरेटर मशीनें लगायेगीं. उन्होंने बताया कि डेंगू की जांच को लेकर फिलहाल राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों व आरएमआरआई अस्पताल में जांच की व्यवस्था उपलब्ध है.
प्रभावित इलाकों में फॉगिंग का इंतजाम भी किया गया है. मंत्री ने कहा कि जनवरी 2018 से अब तक डेंगू के आठ मरीज चिह्नित हुए थे, जिनमें सभी बाहर से संक्रमित होकर आये थे. सरकार संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर संवेदनशील है. सदस्य सुमन कुमार के ध्यानाकर्षण का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि पीएमसीएच के नेफ्रोलॉजी विभाग में सिर्फ पांच डायलिसिस मशीनें कार्यरत हैं, जबकि 15 खराब हैं.
इन 15 डायलिसिस मशीनों की मरम्मती का काम चल रहा है. वहीं, विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि जंक फूड के हानिकारक प्रभाव से लाेगों को दूर रखने के लिए इसका प्रचार-प्रसार होगा. लोगों के बीच जागरूकता लायी जायेगी. संजीव कुमार सिंह के अल्पसूचित सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जंक फूड के दुष्प्रभाव के संबंध में राज्य में चुने हुए प्रमुख स्थानों में सर्वे कराया जायेगा

विधानसभा में सूखे पर आज विशेष चर्चा
सूखे पर बुधवार को विधानसभा में विशेष चर्चा होगी. सोमवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस पर सहमति बनी थी. विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को सदन में इसकी जानकारी दी. विशेष चर्चा के लिए सुबह नौ से 11 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. विधानसभा की कार्यवाही बुधवार को सुबह नौ बजे शुरू होगी.

विस में तीन विधेयक पारित
विधानसभा में मंगलवार को बिहार वित्त विधेयक 2018, दहेज प्रतिषेध ( बिहार संशोधन) विधेयक 2018 तथा बिहार मत्स्य जलकर प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2018 पारित हो गया. वित्त विधेयक पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद वाणिज्य कर विभाग में अधिकारियों के पदनाम बदल गया है. समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा ने दहेज प्रतिषेध (बिहार संशोधन) विधेयक 2018 की चर्चा पर उत्तर देते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं के हित में है.
वहीं, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का 31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वर्ष के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का प्रतिवेदन पेश किया. लोक लेखा समिति के अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी ने समिति का प्रतिवेदन विधानसभा की पटल पर रखा.
12 मिनट ही चली विप की पहली पाली
पटना : मंगलवार को विधान परिषद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गयी. विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पहली पाली में मात्र 12 मिनट चली. इसके बाद ढाई बजे भोजनावकाश तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गयी.
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के संजय प्रसाद ने राज्य में बढ़ते अपराध, हत्या, लूट, बैंक डकैती, रेप की घटनाओं पर सरकार से चर्चा करने संबंधी कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया. कार्यकारी सभापति मो हारुण रशीद ने राजद सदस्यों से इस मामले को शून्य काल में उठाने का आग्रह किया. सरकार से जवाब दिलाने की भी बात कही. इसके बावजूद राजद सदस्य तैयार नहीं हुए. कार्यकारी सभापति ने नियमन का हवाला देते हुए कार्य स्थगन प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया.
इसके बाद राजद सदस्य वेल में पहुंच कर हंगामा करने लगे. राजद के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार व पीएचइडी मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि आसन ने नियमन का हवाला दिया तो इसमें बहस की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. हंगामे के बीच प्रश्नोत्तर की कार्यवाही शुरू हुई.
संजीव कुमार सिंह के अल्पसूचित सवाल का स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जवाब दिया. राजद सदस्यों के हंगामे की वजह से जवाब स्पष्ट सुनाई नहीं दिया. इसके बाद कार्यकारी सभापति ने सभी सवालों के जवाब सदन पटल पर रखने का निर्देश देते हुए सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

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