मॉनसूनी बादलों की हरकत से भीग नहीं पा रहा दक्षिण बिहार

अप्रैल-मई में नीचे आकर जानलेवा बिजली गिरा कर फिर ऊपर उड़ने लगे बादल पटना : इसे विडंबना ही कहा जायेगा कि एक से डेढ़ माह पहले तक बिहार के आसमान में बादल काफी नीचे (तीन किलोमीटर ऊंचाई तक) आकर ठनके के रूप में लोगों की जान ले रहे थे. वहीं इन दिनों बिहार के जीवनदायनी […]

अप्रैल-मई में नीचे आकर जानलेवा बिजली गिरा कर फिर ऊपर उड़ने लगे बादल
पटना : इसे विडंबना ही कहा जायेगा कि एक से डेढ़ माह पहले तक बिहार के आसमान में बादल काफी नीचे (तीन किलोमीटर ऊंचाई तक) आकर ठनके के रूप में लोगों की जान ले रहे थे. वहीं इन दिनों बिहार के जीवनदायनी मॉनसूनी बादल पांच से सात किलोमीटर ऊपर उड़ रहे हैं, जिस कारण अपेक्षित बरसात नहीं हो पा रही है.
अलबत्ता बात साफ है कि खास तौर पर दक्षिण बिहार के आसमान में बादलों की ऊंचाई समय-समय पर करवट ले रही है. दरअसल वैज्ञानिक अध्ययन से साफ हुआ है कि बादलों की ऊंचाई से जुड़ी विषमता का सबसे ज्यादा शिकार दक्षिण बिहार हुआ है. दरअसल मॉनसूनी बादलों की ऊंचाई से खास तौर पर दक्षिण बिहार व पटना ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
अासमान में पांच से सात किलोमीटर ऊंचाई पर उड़ रहे ये बादल फिलहाल अच्छी बरसात कराने में अक्षम साबित हो रहे हैं.आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मॉनसूनी बादलों की सामान्य ऊंचाई दो से तीन किलोमीटर तक रहती है, जिससे अच्छी बारिश होती है.
हालांकि इस तरह के बदलाव एक दो दिन में नहीं आये हैं. पिछले आठ-नौ साल से चल रहे इस तरह के बदलावों का दौर अब चरम पर जा पहुंचा है. आश्चर्य की बात यह है कि उत्तरी बिहार के अधिकतर क्षेत्रों में अभी मॉनसूनी बादलों की ऊंचाई काफी आदर्श है. लिहाजा यहां बारिश भी दक्षिण बिहार से तुलनात्मक रूप में अच्छी हो रही है. जानकारी के मुताबिक इस परिदृश्य में अभी काफी संभावनाएं बाकी हैं.
दक्षिण बिहार और पटना को अभी करना होगा इंतजार : एक्सपर्ट के मुताबिक पटना अंचल में बारिश के लिए अभी इंतजार करना होगा. डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ ए सत्तार के मुताबिक पटना में दो चार दिन बारिश अभी और नहीं होगी. थोड़ी बहुत होगी भी, तो वह दूसरे मौसमी फैक्टर की बदौलत ज्यादा होगी.
जुलाई में जून की शुरुआत जैसी गर्मी : पिछले 48 घंटों में पटना शहर का मौसम अचानक बदल गया है. पैंतीस डिग्री सेल्सियस तक नीचे उतर चुका तापमान गुरुवार को 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. यह सामान्य से पांच-छह डिग्री सेल्सियस अधिक है. इसकी वजह से लोग तपिश से काफी परेशान दिखे. हालांकि, बीच-बीच में उड़ रहे बादलों के चलते कभी धूप-कभी छांव का खेल चलता रहा. ऊमस ने भी लोगों को प्रभावित किया.
उमस भरी गर्मी व तेज धूप से लोग परेशान, बारिश के आसार नहीं
पिछले दो दिनों से उमस भरी गर्मी और तेज धूप से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. बारिश का आसार नजर नहीं आ रहा है.
गंगा सहित अन्य नदियों का भी जल स्तर घट रहा है. रविवार को पूरे राज्य में अधिकतम 36 से 37.7 डिग्री सेल्सियस पारा रिकाॅर्ड किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा. सोमवार को तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है. राज्य में सभी तटबंध भी सुरक्षित हैं. इधर बारिश नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गयी है.

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