पटना : पटना व नालंदा जिले में अपराध पर अंकुश लगाने को लेकर डीआईजी सेंट्रल राजेश कुमार ने प्रयास तेज कर दिया है. इसके साथ ही इन दोनों जिलों की जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों को जल्द ही बिहार के अन्य जिलों में स्थानांतरित कर दिया जायेगा. खास बात यह है कि वैसे कैदियों की लिस्ट बनायी जा रही है, जो हत्या, लूट, रंगदारी जैसे संगीन आपराधिक मामलों में छह माह से अधिक समय से एक ही जेल में बंद हैं.
बताया जाता है कि कई ऐसे मामलों में जेल के अंदर से अपराध संचालित होने की बातें सामने आयी हैं. इसके बाद डीआईजी ने लिस्ट बनाने का निर्देश अपने मातहतों को दिया है. 15 दिनों के अंदर लिस्ट बन सकती है और सभी अपराधियों को दूसरी जेलों में स्थानांतरण कर दिया जायेगा. इसके साथ ही उनकी पेशी की व्यवस्था वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करायी जायेगी. कुख्यात अपराधी रीतलाल यादव को पहले चरण में ही भागलपुर जेल में शिफ्ट किया जायेगा.
जेल में बंद कुख्यात अपराधियों से मिलने वालों पर भी रहेगी नजर : इसके साथ ही पुलिस अब जेल में बंद कुख्यात अपराधियों से मिलने वाले लोगों पर भी नजर रखेगी. उनकी मुलाकात सीसीटीवी कैमरे के सामने होगी. जो लोग मिलेंगे स्थानीय थाना स्तर पर उनकी जानकारी भी ली जायेगी.
चार की संख्या में रहे अपराधियों ने लूटा था बैंक, दो की हुई पहचान : 28 जून को रूपसपुर में विजया बैंक में हुई लूट को चार अपराधियों ने अंजाम दिया था. इनमें से दो अपराधियों की पहचान कर ली गयी है. दोनों ही दानापुर इलाके के अपराधी हैं और छात्र हैं. विशेष टीम का गठन कर दिया गया है.
शराब तस्करी की जड़ तक पहुंचने के लिए डीएसपी को दी गयी जिम्मेदारी :
डीआईजी सेंट्रल राजेश कुमार ने बताया कि सभी डीएसपी को शराब तस्करी से जुड़े हर लिंक को खंगालने का निर्देश दिया गया है. डीआईजी ने बताया कि छोटे-मोटे केसों में आईपीसी की धाराओं के अनुसार तय सजा को काट चुके आरोपितों को छुड़ाने के लिए भी पुलिस काम करेगी.
