पटना : अदालती आदेश का अनुपालन नहीं करने और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की राशि को याचिकाकर्ता को नहीं देने पर पटना हाईकोर्ट ने नाराजगी जतायी है. अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को चार जुलाई को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है. न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने अंकित राज की ओर से दायर रिट याचिका पर बुधवार को सुनवाई की. गौरतलब है कि प्राइवेट मेडिकल काॅलेजों में फीस निर्धारण से संबंधित एक याचिका पर आदेश के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं देने से नाराज अदालत ने गत 18 जून को राज्य सरकार पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था.
साथ ही, अदालत ने जुर्माने की राशि 10 दिन के अंदर याचिकाकर्ता को देने का आदेश दिया था. अदालत ने राज्य सरकार को यह भी कहा था कि वह अलग से हलफनामा दायर कर यह बताये कि इस मामले में कौन-कौन लोग दोषी हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि आदेश के बावजूद अर्थदंड की राशि याचिकाकर्ता को नहीं दी गयी है. इसी मामले को अदालत ने गंभीरता से लिया है. चार जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को अदालत ने तलब किया है.
