संघ प्रमुख मोहन भागवत चार दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे, सियासी बयानबाजी शुरू

पटना : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत के आज बिहार के चार दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचने के साथ प्रदेश के विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद-कांग्रेस तथा सत्तारूढ़ भाजपा-जदयू के बीच सियासी बयानबाजी की शुरुआत हो गयी है. संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भागवत आज दोपहर हवाई मार्ग से […]

पटना : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत के आज बिहार के चार दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचने के साथ प्रदेश के विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद-कांग्रेस तथा सत्तारूढ़ भाजपा-जदयू के बीच सियासी बयानबाजी की शुरुआत हो गयी है. संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भागवत आज दोपहर हवाई मार्ग से बिहार की राजधानी पटना पहुंचे. वह राजेंद्र नगर स्थित आरएसएस के कार्यालय गये जहां से वह पड़ोसी जिले नवादा में संगठन के शिक्षा वर्ग में भाग लेंगे. शिक्षा वर्ग कार्यक्रम के दौरान भागवत 15-25 आयु वर्ग के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के साथ बातचीत करेंगे और संघ की गतिविधियों से उन्हें अवगत करायेंगे.

भागवत आगामी 25 मई को पटना लौटेंगे और उसके बाद अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना होंगे. भागवत की इस यात्रा पर राजद प्रवक्ता और विधायक एज्या यादव ने आरोप लगाया, भागवत एक ऐसे संगठन का नेतृत्व करते हैं जिसकी कई सांप्रदायिक दंगों में संलिप्तता रही है. उनकी पिछली प्रदेश की यात्रा के दौरान दंगाइयों के बीच तलवारों का वितरण किया गया था. हम लोग आशंकित हैं कि क्या इस बार उनकी अपने कैडर के बीच बंदूकें और टैंक की आपूर्ति किये जाने की योजना है? यादव की यह टिप्पणी हाल में रामनवमी त्यौहार के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सांप्रदायिक उन्माद के भड़कने की पृष्ठभूमि में आई थी.

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान परिषद सदस्य प्रेम चंद्र मिश्रा ने भागवत के बिहार में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि यह मात्र संयोग नहीं था कि उनके पिछले बिहार दौरे के बाद ही प्रदेश में दंगा भड़का. नवादा उन जिलों में से एक है जहां अपनी इस यात्रा के दौरान भागवत तीन दिन तक रहेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पर ध्यान देना चाहिए.

उधर, नवादा से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मोहन भागवत का अपने संसदीय क्षेत्र में स्वागत करते हुए विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भागवत उस संगठन का नेतृत्व करते हैं जिसके समानांतर राष्ट्रीय बलिदान करने वाला कोई दूसरा संगठन नहीं है. वहीं, जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने गिरिराज की बातों से सहमति जताते हुए आरोप लगाया कि आरएसएस और उसके प्रमुख की यात्रा को लेकर जो भी हाय-तौबा मचा रहे हैं उन्होंने कभी भी अल्पसंख्यकों की परवाह नहीं की और उन्हें केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया. नीतीश कुमार सौहार्द बनाये रखने के प्रति संवेदनशील हैं.

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