पटना : कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिरने के बाद नेता विरोधी दल तेजस्वी प्रसाद यादव और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी में ट्वीटवार छिड़ गया है.
कांग्रेस द्वारा जेडीएस को समर्थन देने की मुखालफत करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट किया था कि 222 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में मात्र 38 विधायकों की पार्टी वाले नेता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए 78 विधायकों की पार्टी का बिन मांगे समर्थन करना और 104 विधायकों की सबसे बड़ी पार्टी को सत्ता से बाहर रखने की जिद करना क्या लोकतंत्र का सम्मान है. उपमुख्यमंत्री के इस ट्वी्ट पर तेजस्वी यादव ने रीट्वीट किया कि आपकी पार्टी को जनता ने हराया है. आज भी आप तीसरे स्थान पर हैं.
243 में मात्र 53. अंतरात्मा पुरुष की वजह से आप उपमुख्यमंत्री हैं. 13 साल में आपने कोई चुनाव नहीं लड़ा. चोर दरवाजे से आप राजनीति और सरकार में हैं. इधर, नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव सोमवार को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेजस्वी रविवार को दिल्ली पहुंच गये हैं. 21 मई को उनको कर्नाटक में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कुमार स्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना है.
राज्यपालों के लिए भी सीख है कर्नाटक : शक्ति
पटना : राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि कर्नाटक में भाजपा सरकार का गिरना लोकतंत्र की जीत और तानाशाह हुकूमत की हार है. जो लोग संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करते हैं वैसे राज्यपालों के लिए भी सीख है कि दबाव में कभी भी गलत फैसला नहीं लेना चाहिए.
बिहार के गर्वनर को अब तो राजद को बिहार में कर्नाटक की तर्ज पर सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता तो प्रधानमंत्री को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. वहीं राजद के कार्यालय में चितरंजन गगन, संजय यादव ,भाई अरुण, प्रमोद कुमार राम, चंदेश्वर आदि ने भाजपा की हार पर खुशी मनाई.
